राष्ट्रीय
19-Apr-2026
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निसंतान दंपतियों से लाखों रुपए में करता है सौदा, यह नेटवर्क कई शहरों में है सक्रिय लखनऊ,(ईएमएस)। यूपी में अवैध सरोगेसी और कोख की सौदेबाजी से जुड़े एक बड़े रैकेट का खुलासा होने से हड़कंप मच गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह नेटवर्क राज्य के कई शहरों में सक्रिय है और सरोगेसी के नाम पर नियमों की खुली अवहेलना कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस गिरोह का संचालन एक निजी अस्पताल से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि यह रैकेट निसंतान दंपतियों को सरोगेसी के नाम पर 7 से 15 लाख रुपए तक का सौदा कराता है। साथ ही महिलाओं की उम्र, शारीरिक बनावट और रंग-रूप के आधार पर उनकी कीमत तय करने जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। सूत्रों के मुताबिक इस नेटवर्क में गरीब महिलाओं को पैसे का लालच देकर सरोगेट मदर बनाया जाता है। इनमें कुछ कुंवारी लड़िकयां भी शामिल बताई जा रही हैं। गर्भावस्था के दौरान उन्हें गुप्त स्थानों पर रखा जाता है ताकि सामाजिक दबाव या पहचान उजागर न हो। जन्म के बाद बच्चों को संबंधित दंपतियों को सौंप दिया जाता है। जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह केवल सरोगेसी तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध लिंग चयन और नवजात शिशुओं की खरीद-फरोख्त जैसे गंभीर अपराधों में भी शामिल है। इन गतिविधियों की निगरानी के लिए खुफिया कैमरों और डिजिटल साक्ष्यों का सहारा लिया गया है। बता दें भारत में व्यावसायिक सरोगेसी पूरी तरह प्रतिबंधित है। केवल परोपकारी सरोगेसी की अनुमति है, जिसमें सरोगेट महिला को कोई आर्थिक लाभ नहीं दिया जाता और वह अक्सर रिश्तेदार होती है। इसके बावजूद ऐसे अवैध नेटवर्क का सक्रिय रहना कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें 5 से 10 साल तक की सजा और भारी जुर्माने भी लगाया जाएगा। इस खुलासे के बाद प्रशासन ने पूरे प्रदेश में अवैध क्लीनिकों और सरोगेसी से जुड़े सेंटरों पर निगरानी बढ़ा दी है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला न केवल कानूनी उल्लंघन है, बल्कि महिलाओं के अधिकारों और गरिमा से जुड़ा गंभीर सामाजिक मुद्दा भी है। सिराज/ईएमएस 19अप्रैल26 ----------------------------------