कोरबा (ईएमएस)। कोरबा नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के पेट्रोल पंपों पर लगभग 7 दिनों से डीजल एवं पेट्रोल की भारी किल्लत बनी हुई है। इसके कारण आम जनता, किसान, ट्रांसपोर्टर एवं विद्यालय वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - पेट्रोल पंपों में वाहनों लंबी कतारें, खाली लौट रहे वाहन सुबह 6 बजे से ही पंपों पर 2-3 किमी लंबी लाइनें लग रही हैं। दिन में कई बार “स्टॉक खत्म” का बोर्ड लगाकर पंप बंद कर दिए जा रहे हैं। - किसानों पर मारः रबी फसल की कटाई-मिंजाई का सीजन चल रहा है। डीजल न मिलने से थ्रेसर, ट्रैक्टर बंद पड़े हैं। फसल खराब होने का डर सता रहा है। - एम्बुलेंस-विद्यालय बसें प्रभावित आपातकालीन सेवाएं एवं बच्चों छात्रों के विद्यालय वाहन डीजल के लिए भटक रहे हैं। - कालाबाजारी की आशंका कुछ निजी विक्रेताओं द्वारा डीजल 5-10 रुपये प्रति लीटर महंगा बेचने की शिकायतें मिल रही हैं। - जनता की मांग जनता ने मांग करते हुए कहा हैं कि बीपीसीएल प्रबंधन तत्काल टैंकर भेजकर कोरबा क्षेत्र के सभी पंपों पर पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करे। जिला प्रशासन किल्लत की जांच कर बीपीसीएल कंपनी अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही करे। आपूर्ति सामान्य होने तक पंपों पर टोकन सिस्टम लागू कर किसानों एवं आपात सेवा वाहनों को प्राथमिकता दी जाए। बीपीसीएल का स्थानीय सेल्स ऑफिसर प्रतिदिन स्टॉक की जानकारी सार्वजनिक करे ताकि अफरा-तफरी न फैले। स्थानीय नागरिक संघर्ष समिति, कोरबा ने कहा हैं कि जनता को राहत देना सरकार और तेल कंपनियों की पहली जिम्मेदारी है। अगर 48 घंटे में आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। - 19 अप्रैल / मित्तल