लेख
20-Apr-2026
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आज कल न्यूज़ में ईरान - अमेरिका इजराइल के युद्ध का बार बार दिखाना बोर कर रहा है अभी देखा तो कभी ऐ देखने को मिलता है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। कभी दोनों में सीजफयार होगा और ट्रम्प और ईरान के विदेश मंत्री पाकिस्तान में शान्ति वार्ता करेंगे, जबकी अमेरिका ने ईरान को आर्थिक नुकसान हेतु स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर नेवल ब्लॉकेड लागू कर दिया है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है।फिर तुरंत ही ऐ समाचार मिलता है कि अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से टेलीफोन पर बातचीत की। सोशल मीडिया पोस्ट में श्री मोदी ने बताया कि दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की और हॉर्मुज जल-डमरू-मध्य को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व पर बल दिया।मोदीजी ने कहा कि बातचीत के दौरान दोनों देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों ने सभी क्षेत्रों में व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यंक्तक एक और शान्ति वार्ता पाकिस्तान में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की 16 अप्रैल को इस्लामाबाद में शान्ति वार्ता होंगी उधर इजराइल लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर अटैक कर रहा है जो एक लेबनानी शिया इस्लामी राजनीतिक दल है, जिसका एक सक्रिय अर्धसैनिक विंग भी है; लेबनान सरकार ने मार्च 2026 से इस पर प्रतिबंध लगा दिया है।लेकिन हिज़्बुल्लाह पहले लेबनान में चुनाव में भाग भी लिया और वहाँ के प्रधानमंत्री को भी मारा है जो लोग इस संघठन के बारे में नहीं जानते उसके इतिहास पर नजर डाले तो वो लेबनान में अमेरिका के एक बस को बम से उड़ाया और मरकावा नरसंहार 2006 के बाद 2026, में 100 इजरायली टैंक मारने का हिज्बुल्लाह ने किया दावा • सैन्य विश्लेषक दोनों पक्षों के शस्त्रागारों के बीच भारी आर्थिक असमानता की ओर भी इशारा करते हैं और वो इजराइल से बात नहीं करेगा उसने कई आतंकी गतिविधियों को खाड़ी देश में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया है यहाँ तक की 2017 में आईएसआईएस के साथ मुठभेड़ भी हुई हिज़बुल्लाह ने पूर्वी अलेप्पो आक्रमण (जनवरी–अप्रैल 2017) और फरवरी 2017 में के विरुद्ध अल-बाब की लड़ाई में भाग लिया। हिज़बुल्लाह ने आईएसआईएस दारा आक्रमण (फरवरी–जून 2017) में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें उसे कई हताहतों का सामना करना पड़ा सीरियाई गृहयुद्ध के दौरान, हिज़्बुल्लाह के दुष्प्रचार ने सीरियाई विपक्ष को पूरी तरह से तकफ़ीरी बताकर, असद शासन के विरोधियों को अमानवीय दिखाने का प्रयास किया है मुख्य रूप से इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक़ एंड सीरिया को दर्शाता है, जो एक उग्रवादी जिहादी समूह है और जिसे एक आतंकवादी संगठन के रूप में जाना जाता है।अतः इजराइल और बेरूत में चल रहें युद्ध अब सीजफ़ायर की ओर जा रहा है जिसे अमेरिका ने लेबनान के प्रधानमंत्री व इजराइल के प्रधानमंत्री के बीच शान्ति वार्ता की पेशकश की है आतंकवाद आज सभी देशों के लिए खतरा है जिससे वहाँ निर्दोष लोगों की हत्या होती है आखिर कब तक चलेगा अमेरिका और ईरान में सीजफायर जो लेबनान युद्ध के कारण सफ़ल नहीं हो पा रहा है और इस युद्ध से हर चीज के दाम 20% से अधिक तक बढ़ गए हैँ जो बेबजह जनता को नुकसान उठाना पड़ रहा है अब लगता है ऐ युद्ध ना अमेरिका चाह रहा है और ना ही ईरान इसी मुद्दे पर भारत और अमेरिका के प्रधानमंत्री के बीच 40 मिनट की वार्ता हुई। (यह लेखक के व्य‎‎‎क्तिगत ‎विचार हैं इससे संपादक का सहमत होना अ‎निवार्य नहीं है) .../ 20 अप्रैल /2026