20-Apr-2026
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काठमांडू(ईएमएस)। नेपाल की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया जब बालेन शाह सरकार ने देश के इतिहास की सबसे बड़ी भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई का ऐलान किया। सरकार ने एक शक्तिशाली पांच सदस्यीय न्यायिक पैनल का गठन किया है, जो साल 2006 से लेकर वर्तमान समय (2025-26) तक सार्वजनिक पदों पर रहे शीर्ष नेताओं और अधिकारियों की संपत्ति की गहन जांच करेगा। इस जांच की सबसे खास बात यह है कि इसके दायरे में देश के पूर्व राजा, तीन पूर्व व वर्तमान राष्ट्रपति और सात पूर्व प्रधानमंत्री भी शामिल किए गए हैं। जांच के रडार पर आए पूर्व प्रधानमंत्रियों में पुष्प कमल दहल, शेर बहादुर देउबा, केपी शर्मा ओली, माधव कुमार नेपाल, झलनाथ खनाल, बाबूराम भट्टराई और स्वर्गीय सुशील कोईराला के नाम शामिल हैं। इसके अलावा अंतरिम सरकारों के प्रमुख रहे खिलराज रेग्मी और सुशीला कार्की को भी पैनल के सवालों का सामना करना पड़ सकता है। राजशाही के अंत के बाद के पूरे दौर को कवर करने वाली यह जांच पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह तक भी पहुंचेगी। साथ ही, पूर्व राष्ट्रपति राम बरन यादव, विद्या देवी भंडारी और मौजूदा राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल की संपत्ति की भी समीक्षा की जाएगी। यह अभियान केवल बड़े राजनीतिक चेहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें 100 से अधिक पूर्व मंत्री, संवैधानिक निकायों के सदस्य और वरिष्ठ नौकरशाह भी शामिल हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो नेता अब इस दुनिया में नहीं हैं, उनके परिवारों और राजनीतिक वारिसों की संपत्ति की भी जांच की जाएगी ताकि अवैध धन के प्रवाह का पता लगाया जा सके। चौंकाने वाली बात यह है कि इस जांच की आंच मौजूदा सरकार के करीबियों और स्वयं बालेन शाह की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के प्रमुख रवि लामिछाने व अन्य मंत्रियों तक भी पहुंच सकती है। साल 2006 के जनआंदोलन के बाद नेपाल में लोकतांत्रिक व्यवस्था की शुरुआत हुई थी, लेकिन तब से ही राजनीतिक अस्थिरता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। अब तक होने वाली जांचें अक्सर राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित मानी जाती थीं, लेकिन पहली बार सत्ता पक्ष, विपक्ष और पूर्व राजशाही सब एक साथ जांच के दायरे में हैं। प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आए बालेन शाह ने इस साहसिक कदम के जरिए संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के मामले में अब कोई भी कानून से ऊपर नहीं होगा। इस कार्रवाई ने पूरे दक्षिण एशिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। वीरेंद्र/ईएमएस 20 अप्रैल 2026