खेल
20-Apr-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस) फीफा विश्व कप 2026 का इंतजार पूरे विश्व के साथ-साथ भारत में भी फुटबॉल प्रशंसक कर रहे हैं हालांकि इसके देश में प्रसारण को लेकर संशय छाया हुआ है। इसका कारण ये है कि अभी तक किसी भी भारतीय टेलीविजन या डिजिटल प्लेटफॉर्म ने इस मेगा इवेंट के मीडिया अधिकार नहीं खरीदे हैं, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या भारतीय दर्शक इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट को देख पाएंगे या नहीं। विश्व कप संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाएगा। 11 जून, 2026 से इसकी शुरुआत होगी और यह पहली बार होगा जब 48 टीमें इसमें हिस्सा लेंगी, जिससे प्रतिस्पर्धा और भी रोमांचक होने की उम्मीद है। भारत की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम भले ही इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई हो, लेकिन देश में फुटबॉल के प्रति जुनून किसी से छिपा नहीं है। लाखों भारतीय प्रशंसक हर चार साल में होने वाले इस आयोजन का बेसब्री से इंतजार करते हैं, अपनी पसंदीदा टीमों और खिलाड़ियों को खेलते देखने के लिए उत्सुक रहते हैं। पिछले विश्व कपों में भी भारत में रिकॉर्ड तोड़ दर्शक संख्या दर्ज की गई थी, जो यहां के फुटबॉल प्रेम की गहराई को दर्शाता है। लेकिन, इस बार स्थिति काफी अलग और चिंताजनक है। फीफा ने 2025 में ही विश्व कप के मीडिया अधिकारों की बिक्री प्रक्रिया शुरू कर दी थी, ताकि प्रसारणकर्ता को पर्याप्त समय मिल सके। विभिन्न देशों में अधिकार बेचे जा चुके हैं, लेकिन भारत में अभी तक कोई भी आधिकारिक प्रासरणकर्ता सामने नहीं आया है। प्रसारण अधिकारों की बिक्री में यह गतिरोध मुख्य रूप से वित्तीय पहलुओं से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। फीफा ने शुरुआत में 2026 और 2030 दोनों विश्व कप के संयुक्त मीडिया अधिकारों की कीमत 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 830 करोड़ रुपये) आंकी थी, जो कि भारतीय बाजार के लिए एक बहुत बड़ी राशि मानी जा रही थी। इस भारी कीमत के कारण कोई भी संभावित खरीददार आगे नहीं आया। खरीदार न मिलने के बाद, फीफा ने कीमत में भारी कटौती करते हुए इसे 35 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 290 करोड़ रुपये) कर दिया। इतनी बड़ी कमी के बावजूद, अभी तक कोई भी भारतीय टेलीविजन चैनल या डिजिटल प्लेटफॉर्म इन अधिकारों को खरीदने के लिए तैयार नहीं हुआ है। यह स्पष्ट नहीं है कि ब्रॉडकास्टर्स अभी भी इस कीमत को बहुत अधिक मान रहे हैं या फिर उन्हें इसमें अपेक्षित व्यावसायिक लाभ नहीं दिख रहा है। यह स्थिति भारत के करोड़ों फुटबॉल प्रशंसकों के लिए एक बड़ा झटका है, जो विश्व कप के रोमांचक मुकाबलों को अपने घरों में बैठकर देखने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। अगर जल्द ही कोई समाधान नहीं निकलता है, तो संभव है कि भारतीय दर्शकों को फीफा विश्व कप 2026 के मैचों से वंचित रहना पड़े, जो सबसे निराशाजनक होगा। ऐसे में मैचो के प्रसारण के लिए फीफा और भारतीय प्रसारणकर्ताओं के बीच शीघ्र ही किसी समझौते की जरुर है। गिरजा/ईएमएस 20 अप्रैल 2026