क्षेत्रीय
20-Apr-2026
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- गार्डन और 100 एकड़ जमीन की अहम फाइल लापता, प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल रायपुर (ईएमएस)। राजधानी के नगर निगम रायपुर में एक के बाद एक महत्वपूर्ण फाइलों के गायब होने से प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला मुख्यालय के सामने स्थित गार्डन से जुड़ी फाइल के लापता होने का है, जबकि इससे पहले जोन-10 अमलीडीह कार्यालय से करीब 100 एकड़ जमीन से संबंधित दस्तावेज गायब हो चुके हैं। निगम मुख्यालय के ठीक सामने स्थित गार्डन पहले से ही नियम उल्लंघन के आरोपों में घिरा हुआ था। आरोप है कि गार्डन के रखरखाव के लिए निजी एजेंसी को दी गई जिम्मेदारी में केवल 5% क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां (फूड स्टॉल/दुकान) की अनुमति थी, लेकिन तय सीमा से कहीं ज्यादा हिस्से में व्यावसायिक उपयोग किया गया। सुरक्षा, साफ-सफाई और CCTV जैसी अनिवार्य व्यवस्थाओं में भी बड़ी लापरवाही बरती गई। अब इसी गार्डन से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइल के गायब होने से आशंका जताई जा रही है कि नियम उल्लंघन और गड़बड़ियों को छिपाने के लिए दस्तावेजों से छेड़छाड़ की गई हो। इससे पहले जोन-10 अमलीडीह कार्यालय से बोरियाकला क्षेत्र के ओम नगर, साईं नगर और बिलाल नगर से जुड़े 69 भूखंडों की लेआउट फाइल गायब हो चुकी है। यह पूरा मामला करीब 100 एकड़ जमीन से संबंधित बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस गड़बड़ी के पीछे बिल्डरों को फायदा पहुंचाने की कोशिश हो सकती है। फाइल जोन कार्यालय से मुख्यालय भेजी जानी थी, लेकिन उसे सीधे टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग भेज दिया गया, जिससे संदेह और गहरा गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम आयुक्त ने जोन-10 के कमिश्नर विवेकानंद दुबे को मुख्यालय अटैच कर दिया है और उनकी जगह मोनेश्वर शर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नए जोन कमिश्नर मोनेश्वर शर्मा ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में जल्द FIR दर्ज कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। महापौर मीनल चौबे ने कहा कि गार्डन से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसी पर कड़ी कार्रवाई होगी। लगातार फाइल गायब होने की घटनाएं यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि क्या यह महज लापरवाही है या सुनियोजित तरीके से रिकॉर्ड गायब कर भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश की जा रही है? फिलहाल दोनों मामलों में जांच जारी है और अब नजर इस बात पर टिकी हुई है कि जिम्मेदार लोगों पर कब और कितनी सख्त कार्रवाई होती है। - सत्यप्रकाश (ईएमएस) 20 अप्रैल 2026