राष्ट्रीय
20-Apr-2026


नई दिल्ली,(ईएमएस)। महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने कहा कि सरकार के कथित “नापाक मंसूबों” की हार हुई है और यह संविधान तथा लोकतंत्र की जीत है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोमवार को कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन को आगे बढ़ाने की कोशिश दरअसल “बुलडोजर राजनीति” का हिस्सा थी, जो अब विफल हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र का असली एजेंडा महिलाओं को आरक्षण देना नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ हासिल करना है। कांग्रेस नेता जयराम ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से पारित किया गया था, लेकिन इसे लागू करने में सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिनियम को लंबे समय तक लंबित रखने के बाद अचानक अधिसूचित किया गया, जिससे सरकार की मंशा पर सवाल उठते हैं। कांग्रेस नेता ने मांग की कि मौजूदा लोकसभा सीटों के आधार पर ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण तुरंत लागू किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार मानसून सत्र या मई के अंत तक एक संशोधन विधेयक लाकर इस दिशा में कदम उठाए। विवाद की जड़ में हाल ही में पेश किया गया संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 है, जिसे सदन में पर्याप्त समर्थन नहीं मिल सका। इस विधेयक के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जबकि इसे पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत आवश्यक था। रमेश ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि परिसीमन से किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा। कांग्रेस का कहना है कि यदि ऐसा है तो इसे विधेयक में स्पष्ट रूप से शामिल क्यों नहीं किया गया। इसके अलावा, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार जातीय जनगणना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को नजरअंदाज कर रही है और महिला आरक्षण के नाम पर राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ा रही है। हिदायत/ईएमएस 20अप्रैल26