मृतकों में 18 वर्ष या उससे कम आयु के 383 बच्चे भी तेहरान (ईएमएस)। ईरान और अमेरिका के बीच 28 फरवरी को शुरु हुई जंग के बाद अमेरिकी हमलों की वजह से ईरान में करीब 3,375 लोगों की मौत हो गई है। यह आंकड़ा ईरान के विधिक चिकित्सा संगठन के प्रमुख अब्बास मस्जेदी की ओर से दिया गया। मीडिया रिपोर्ट में मस्जेदी के हवाले से बताया कि मारे गए लोगों में से केवल चार की पहचान नहीं हुई है। उन्होंने यह ब्यौरा नहीं दिया कि हताहतों में कितने आम नागरिक हैं और कितने सुरक्षा बल के जवान हैं, केवल इतना बताया कि मारे गए लोगों में 2,875 पुरुष और 496 महिलाएं शामिल हैं। मस्जेदी ने कहा कि मृतकों में 18 वर्ष या उससे कम आयु के 383 बच्चे भी हैं। इन आंकड़ों से ये सवाल उठ रहे हैं कि इसमें सुरक्षा बलों के सदस्य शामिल हैं या नहीं, खासकर तब जब देश में सैन्य ठिकानों और हथियार भंडारों पर हमले तेज होने की खबरें सामने आई हैं। चर्चा है कि पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका में दूसरे चरण की वार्ता शुरू होगी। इस वार्ता के लिए अमेरिका पूरी तरह से तैयार दिख रहा है। वहीं ईरान ने बातचीत से इंकार किया है। इसकी मुख्य वजह मुख्य कारण ईरानी बंदरगाहों पर जारी अमेरिकी नाकेबंदी बताया गया है। इस बीच, अमेरिकी सेना ने एक ईरानी मालवाहक जहाज को जब्त किया, जिससे पश्चिम एशिया में नाजुक दौर से गुजर रही शांति पर और अनिश्चितता व्याप्त हो गई है। ईरान ने पुष्टि की कि अमेरिकी नौसेना ने ओमान की खाड़ी में ईरानी जहाज टौस्का को हमला कर जब्त किया, इस घटना को युद्धविराम का उल्लंघन बताकर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। ईरान के खत्म उल-अंबिया मुख्यालय ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई ईरानी वाणिज्यिक जहाजों पर हमला है और सशस्त्र समुद्री डकैती करार दिया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस घटना के बाद ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों पर ड्रोन हमले भी किए, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी शर्तें अवास्तविक और अनुचित हैं और जब तक नाकेबंदी नहीं हटायी जाती, वार्ता संभव नहीं है। उन्होंने अमेरिका पर शर्तें बदलने का आरोप भी लगाया। ईरानी मीडिया के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में वार्ता के सफल होने की कोई स्पष्ट संभावना नहीं है। यह निर्णय तब आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान में फिर वार्ता की घोषणा की है। दोनों देशों के बीच जारी दो सप्ताह का युद्धविराम 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है। इस बीच, अमेरिकी केन्द्रीय कमान (सेंटकॉम) ने पुष्टि की कि अमेरिकी बलों ने अरब सागर में ईरानी झंडे वाले मालवाहक जहाज को रोका। सेंटकॉम के अनुसार, निर्देशित मिसाइल विध्वंसक यूएसएस स्प्रूअन्स ने टौस्का को रोका, जो ईरान के बंदर अब्बास की ओर जा रहा था। कई चेतावनियों के बावजूद जहाज के चालक दल ने निर्देशों का पालन नहीं किया। आशीष/ईएमएस 21 अप्रैल 2026