धमतरी (ईएमएस)। जिले में टीबी (क्षय रोग) की पहचान अब आधुनिक एआई तकनीक वाली हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन से की जा रही है। दिसंबर में अस्पताल में पहुंची इस मशीन की शुरुआत जनवरी 2026 से की गई, जिसके बाद जांच प्रक्रिया तेज हो गई है। पिछले तीन महीनों में 18 गांवों में लगाए गए शिविरों के दौरान 855 लोगों का मौके पर एक्स-रे किया गया, जबकि कुल 30 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान 322 नए टीबी मरीजों की पहचान हुई है, जिनका इलाज शुरू कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में जिले में 1327 टीबी मरीज सामने आए थे। जिला कार्यक्रम समन्वयक आशीष वैष्णव के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा जिले को टीबी उन्मूलन का लक्ष्य दिया गया है। इसके तहत 167 गांवों को हाई-रिस्क जोन में चिन्हित किया गया है और कुल 1.07 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य निर्धारित है। अब तक 18 गांवों में विशेष शिविर लगाए जा चुके हैं। यह हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन आसानी से कहीं भी ले जाई जा सकती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं जाना पड़ता। पहले यह सुविधा जिले में उपलब्ध नहीं थी। इसके अलावा जिले में जल्द ही 3 नई टीबी जांच मशीनें भी आने वाली हैं, जिससे स्क्रीनिंग की गति और बढ़ेगी। बीते 2024-25 में चलाए गए 100 दिवसीय निक्षय निरामय अभियान के तहत 8.65 लाख लोगों की जांच की गई थी, जिनमें से 1.07 लाख लोग उच्च जोखिम वाले पाए गए थे। उनकी भी आगे जांच और निगरानी की जा रही है। जिले में जिला अस्पताल धमतरी, कुरूद, नगरी सिविल अस्पताल, मगरलोड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और भखारा स्वास्थ्य केंद्र में टीबी की नियमित जांच की सुविधा उपलब्ध है। टीबी उन्मूलन अभियान के तहत जिले की 370 ग्राम पंचायतों में से अब तक 157 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है, जबकि वर्ष 2025-26 में 20 नई पंचायतों को भी इस सूची में शामिल किया गया है। - सत्यप्रकाश (ईएमएस) / 21 अप्रैल 2026