क्षेत्रीय
21-Apr-2026
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जबलपुर, (ईएमएस)। साबरमती सेंट्रल जेल में एक ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायक क्षण साकार हुआ। जो स्थान एक समय महात्मा गांधी की साधना-स्थली के रूप में जाना जाता था, वहीं आज पुनः आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई। आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज एवं समय सागर महाराज की पावन प्रेरणा तथा सक्रिय सम्यक दर्शन सहकार संघ के तत्वावधान में साबरमती जेल में हथकरघा केंद्र स्थापित करने हेतु औपचारिक एमओयू (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। शीघ्र ही इस केंद्र का उद्घाटन किया जाएगा, जिससे बंदियों को रोजगार, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता का अवसर प्राप्त होगा। इस गरिमामय कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव मोना खंधार जी , जेल अधीक्षक (आईपीएस) गौरव जी तथा जीएसटी विभाग के सहायक आयुक्त (आईआरएस) आदेश जी की विशेष उपस्थिति रही। संस्था की ओर से मुख्य रूप से अमित भैया एवं रौनक भैया सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के दौरान रौनक भैया ने अपने उद्बोधन में गुरुजी के आदर्शों का उल्लेख करते हुए देश की विभिन्न जेलों में संचालित हथकरघा केंद्रों की सफलता और उनके सकारात्मक प्रभावों को साझा किया। वहीं अमित भैया ने अपने उद्बोधन में संस्था के कार्यों एवं उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी, साथ ही हथकरघा के व्यापक लाभों—जैसे आत्मनिर्भरता, कौशल विकास और रोजगार सृजन—पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर लगभग 300 बंदी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल के प्रति उत्साह और आशा व्यक्त की। यह प्रयास न केवल पुनर्वास की दिशा में एक सशक्त कदम है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का भी प्रतीक बनेगा। सुनील साहू / मोनिका / 21 अप्रैल 2026/ 01.32