राज्य
21-Apr-2026
...


कोरबा (ईएमएस) कृषि विज्ञान केंद्र, कटघोरा (कोरबा) में छत्तीसगढ़ के किसानी के नया बछर अक्ति तिहार (अक्षय तृतीया) एवं माटी पूजन दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में लक्ष्मण जायसवाल, जनपद सदस्य सुतर्रा उपस्थित रहे। साथ ही विशिष्ट अतिथि के रूप में कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कटघोरा (कोरबा) के अधिष्ठाता डॉ. आर.के. साहू उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विज्ञान केंद्र, कटघोरा (कोरबा) के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. एस.पी. सिंह द्वारा की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां धरती की पूजा-अर्चना एवं माटी पूजन कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि लक्ष्मण जायसवाल ने अपने उद्बोधन में अक्ति तिहार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पर्व किसानों के लिए नई कृषि गतिविधियों की शुरुआत का प्रतीक है। माटी पूजन से भूमि के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना विकसित होती है। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ पारंपरिक परंपराओं को संरक्षित रखने का संदेश दिया। अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. एस.पी. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मृदा स्वास्थ्य को बनाए रखना सतत कृषि के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किसानों को मृदा परीक्षण, जैविक खाद के उपयोग और संतुलित उर्वरक प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि ने ग्रामीण अंचलों में इस प्रकार के आयोजनों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे किसानों में जागरूकता बढ़ती है और वे अपनी परंपराओं से जुड़े रहते हैं। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में क्षेत्र के किसान, कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी तथा कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कटघोरा (कोरबा) के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। सभी ने उत्साहपूर्वक माटी पूजन में भाग लिया और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में किसानों को धान और हल्दी के बीज प्रदान कर सम्मानित किया गया। 21 अप्रैल / मित्तल