22-Apr-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) परिसर में मंगलवार को भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर छात्र अधिकार मार्च निकाला। स्कूल आफ ओपन लर्निंग से शुरू हुआ यह मार्च आर्ट्स फैकल्टी तक निकाला गया, जहां बड़ी संख्या में छात्रों की मौजूदगी ने इसे विश्वविद्यालय के हालिया सबसे बड़े छात्र प्रदर्शनों में शामिल कर दिया। मार्च के जरिए एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर बुनियादी सुविधाओं और शैक्षणिक मुद्दों को लेकर लापरवाही का आरोप लगाया। एबीवीपी ने ‘पोर्टा केबिन’ हटाने, कैंपस में अनिवार्य फायर सेफ्टी आडिट कराने और 30 अप्रैल तक परीक्षा फार्म पर लगने वाली लेट फीस माफ करने की मांग प्रमुखता से उठाई। इसके साथ ही पांच वर्षीय बीए एलएलबी (आनर्स) पाठ्यक्रम की फीस घटाने, अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा आयोजित करने और नए हास्टलों के निर्माण की मांग भी रखी गई। दिल्ली प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि यह मार्च छात्रों के अधिकारों की लड़ाई का निर्णायक चरण है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रोजगार से जुड़े मुद्दों को सामने रखते हुए एबीवीपी ने विश्वविद्यालय स्तर पर ‘सेंट्रलाइज्ड प्लेसमेंट सेल’ की स्थापना की जरूरत बताई। वहीं, थर्ड जेंडर छात्रों के लिए मुफ्त शिक्षा और दिव्यांग छात्रों के लिए सुगम्य बुनियादी ढांचे पर भी जोर दिया गया। एबीवीपी ने ‘एक कोर्स-एक फीस’ नीति लागू करने और अकादमिक काउंसिल में छात्रों के प्रतिनिधित्व की मांग भी दोहराई। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/22/अप्रैल /2026