- हीट रैश, हीट क्रैम्प्स, हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचाव व प्राथमिक उपचार की दी जानकारी अहमदाबाद (ईएमएस)| लगातार बढ़ते तापमान और हीटवेव की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने तथा गर्मी से होने वाली विभिन्न बीमारियों के प्रति जागरूक रहने की अपील की है। विभाग के अनुसार हीटवेव के कारण मुख्य रूप से चार प्रकार की शारीरिक समस्याएं सामने आ सकती हैं। हीट रैश (घमौरियां): अधिक गर्मी के कारण शरीर पर लाल रंग के छोटे दाने निकलना, शरीर गर्म रहना और सिरदर्द होना इसके प्रमुख लक्षण हैं। ऐसी स्थिति में ठंडे पानी और साबुन से स्नान करना चाहिए तथा शरीर को ठंडा रखने के उपाय करने चाहिए। यदि दानों में संक्रमण दिखाई दे तो एंटीसेप्टिक दवा का उपयोग करें और हल्के सूती कपड़े पहनें। हीट क्रैम्प्स (मांसपेशियों में खिंचाव): अधिक पसीना आने से शरीर की मांसपेशियों, विशेषकर पैरों में दर्द और खिंचाव महसूस हो सकता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को तुरंत ठंडी जगह पर लिटाएं, प्रभावित मांसपेशियों पर हल्की मालिश करें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं। हीट एग्जॉशन (गर्मी से थकावट): यह समस्या विशेष रूप से शारीरिक श्रम करने वाले लोगों में अधिक देखी जाती है। इसके लक्षणों में अत्यधिक पसीना आना, कमजोरी महसूस होना, शरीर ठंडा पड़ना, नाड़ी की गति धीमी होना, चक्कर आना और उल्टी होना शामिल हैं। ऐसी स्थिति में व्यक्ति के कपड़े ढीले कर उसे एसी या पंखे के नीचे ठंडी जगह पर लिटाएं, शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें और पानी पिलाएं। स्थिति गंभीर लगे तो तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा से अस्पताल पहुंचाएं। हीट स्ट्रोक (लू लगना): यह गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है। इसमें शरीर का तापमान बहुत बढ़ जाता है, त्वचा सूख जाती है, नाड़ी की गति तेज हो जाती है और मरीज बेहोश भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिना देर किए तुरंत 108 पर कॉल कर एंबुलेंस बुलाएं। एंबुलेंस आने तक मरीज को ठंडी जगह पर रखें और शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां लगाएं। यदि मरीज बेहोश हो तो मुंह से कुछ भी देने का प्रयास न करें। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे तेज धूप और गर्मी के सीधे संपर्क से बचें तथा उपरोक्त में से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत उचित उपचार लें। - सतीश/22 अप्रैल