अंतर्राष्ट्रीय
24-Apr-2026
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-डोभाल ने ब्रिटेन के एनएसए से की बात, दिल्ली की चिंताओं को दूर करने पर जोर लंदन,(ईएमएस)। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने गुरुवार को ब्रिटेन के अपने समकक्ष जोनाथन पॉवेल के साथ बातचीत की, जिसमें आतंकवाद, चरमपंथ और खालिस्तान समर्थक तत्वों से संबंधित नई दिल्ली की चिंताओं को दूर करने पर ध्यान केंद्रित किया। अधिकारियों ने बताया कि दोनों पक्ष ‘‘अस्थिर भू-राजनीतिक वातावरण’’ की पृष्ठभूमि में भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर भी सहमत हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक डोभाल और पॉवेल ने पश्चिम एशिया की अस्थिर स्थिति और समुद्री सुरक्षा और व्यापार पर इसके प्रभाव पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। अधिकारियों ने बताया कि डोभाल ने इस बात पर जोर दिया कि संघर्ष को सुलझाने का एकमात्र रास्ता संवाद और कूटनीति ही है। ये वार्ताएं वार्षिक भारत-ब्रिटेन रणनीतिक संवाद के ढांचे के तहत आयोजित की गईं। ये बातचीत सालाना भारत-युके रणनीतिक बातचीत के दायरे में हुई। अधिकारियों के मुताबिक दोनों एनएसए ने भारत-ब्रिटेन विज़न 2035 दस्तावेज में तय किए गए लक्ष्यों पर आगे बढ़ने की अहमियत को दोहराया। इन लक्ष्यों में लंबे समय के लिए आपसी रणनीतिक सहयोग को बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी, रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने आतंकवाद, उग्रवाद और खालिस्तान समर्थक तत्वों से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं से निपटने के लिए सहयोग को और गहरा करने की ज़रूरत पर जोर दिया। एनएसए डोभाल ने इन मामलों पर लगातार समर्थन के लिए यूके सरकार का शुक्रिया अदा किया और कहा कि दोनों पक्षों की कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच सहयोग को और बढ़ाकर इस गति को बनाए रखना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी और आधुनिक सामग्री के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए। उन्होंने आगे कहा कि दोनों पक्षों ने इस बात पर गौर किया कि आपसी रक्षा सहयोग ने अच्छी गति पकड़ी है, और भारत-यूके रक्षा औद्योगिक रोडमैप के व्यापक दायरे में रक्षा औद्योगिक सहयोग को और गहरा करना अहम है। अधिकारियों ने बताया कि दोनों पक्षों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा की अहमियत पर जोर दिया और खास समुद्री रक्षा टेक्नोलॉजी पर काम करने पर सहमति जताई। सिराज/ईएमएस 24अप्रैल26