अंतर्राष्ट्रीय
26-Apr-2026
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वॉशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिका की सबसे बड़ी जांच एजेंसी एफबीआई के डायरेक्टर काश पटेल एक बार फिर गंभीर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। हाल ही में सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स ने उनके नेतृत्व और व्यक्तिगत आचरण पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह विवाद मुख्य रूप से उनकी पुरानी आदतों और युवाओंवस्था के दौरान कानून के साथ हुई उनकी उलझनों से जुड़ा है, जिसने अब एक राजनीतिक और प्रशासनिक तूफान खड़ा कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, काश पटेल ने स्वयं यह स्वीकार किया था कि कॉलेज और कानून की पढ़ाई के दौरान उन्हें दो बार कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। पहली घटना वर्जीनिया की है, जहां कॉलेज के दिनों में उन्हें सार्वजनिक रूप से नशे की हालत में होने के कारण गिरफ्तार किया गया था। वहीं, दूसरी घटना न्यूयॉर्क की है, जब कानून की पढ़ाई के दौरान उन पर सार्वजनिक स्थान पर पेशाब करने का आरोप लगा और उन्हें हिरासत में लिया गया। इन घटनाओं का विवरण 2005 में लिखे गए एक पत्र से मिला है, जो पटेल ने फ्लोरिडा बार में आवेदन के समय जमा किया था। उस वक्त उन्होंने इन घटनाओं को अपने सामान्य व्यवहार के विपरीत एक अपवाद बताया था। वर्तमान विवाद केवल अतीत तक सीमित नहीं है। ताजा दावों में कहा जा रहा है कि उनकी शराब पीने की कथित आदत उनके वर्तमान कामकाज को भी प्रभावित कर रही है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दर्जनों गुमनाम सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया है कि पटेल का व्यवहार कई बार असामान्य रहा है और वे कार्यालय में शराब के प्रभाव में देखे गए हैं। रिपोर्ट में यहां तक कहा गया है कि सुबह की महत्वपूर्ण बैठकों को अक्सर इसलिए टालना पड़ता था क्योंकि वे पिछली रात के नशे से उबर नहीं पाए होते थे। इससे जांच से जुड़े फैसलों में देरी होने और राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। हालांकि, इन सभी आरोपों को काश पटेल, व्हाइट हाउस और न्याय विभाग ने पूरी तरह से गलत करार दिया है। पटेल ने अपने ऊपर लगे इन आरोपों को व्यक्तिगत हमला बताते हुए संबंधित पत्रिका और रिपोर्टर के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा है कि ये सभी दावे झूठे हैं और वे इसका जवाब अदालत में देंगे। फिलहाल, इस मामले ने अमेरिकी सुरक्षा महकमे में एक बड़ी बहस छेड़ दी है। वीरेंद्र/ईएमएस/26अप्रैल2026