क्षेत्रीय
27-Apr-2026
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- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने रचा इतिहास, 10वीं-12वीं के छात्र-छात्राओं ने हासिल की अभूतपूर्व सफलता, वंचित वर्ग के विद्यार्थियों ने कायम की अनूठी मिसाल जयपुर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल, संवेदनशील और दूरदर्शी नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे सशक्त सुधारों का सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने इस वर्ष दसवीं बोर्ड परीक्षाओं में 97.98 प्रतिशत, 12वीं की विज्ञान संकाय में 98.38, कला संकाय में 99.85 और वाणिज्य संकाय में 100 प्रतिशत सफलता हासिल कर ऐतिहासिक मिसाल कायम की है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने इस शानदार और ऐतिहासिक सफलता का श्रेय विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रभावी एवं दूरदर्शी नेतृत्व को दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में ये विद्यालय और भी बेहतर परिणाम देकर राज्य का नाम रोशन करेंगे। गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में आवासीय विद्यालय योजना केवल शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समानता, अवसरों की बराबरी और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सशक्त पहल बन चुकी है। यह सफलता उन हजारों विद्यार्थियों के सपनों की उड़ान है, जो अब नई ऊंचाइयों को छूने के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रदेश के 42 आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों ने इस वर्ष अपने अथक परिश्रम और उत्कृष्ट प्रदर्शन से सभी को प्रभावित करते हुए 97.98 प्रतिशत का प्रभावशाली परिणाम दर्ज किया। कुल 1829 विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया, जिनमें से 1792 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की। इनमें से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी हासिल करते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, वहीं सैकड़ों विद्यार्थियों ने द्वितीय और तृतीय श्रेणी में भी उत्तीर्ण होकर इस सफलता को और व्यापक बनाया। उल्लेखनीय रूप से 12 विद्यार्थियों ने 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों को छुआ, जबकि 33 ने 90 प्रतिशत, 51 ने 85 और 146 विद्यार्थियों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित कर अपने उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी। विज्ञान संकाय: उत्कृष्टता की बुलंद उड़ान इसी प्रकार कक्षा 12वीं के विज्ञान संकाय में विद्यार्थियों ने बेहद प्रभावशाली और दमदार प्रदर्शन करते हुए 98.38 प्रतिशत का शानदार परिणाम दर्ज किया। कुल 678 विद्यार्थियों में से 574 विद्यार्थियों ने प्रथम और 93 ने द्वितीय श्रेणी में सफलता प्राप्त कर अपनी मेधा का परिचय दिया। उच्च अंकों की बात करें तो 3 विद्यार्थियों ने 95 प्रतिशत, 12 ने 90, 47 ने 85 और 110 विद्यार्थियों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर विशेष उपलब्धि हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। कला संकाय: लगभग शत-प्रतिशत सफलता की कहानी कला संकाय में तो सफलता का यह सिलसिला और भी अधिक प्रभावशाली और प्रेरणादायक रहा, जहां 99.85 प्रतिशत का लगभग शत-प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया। लगभग सभी विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त कर यह सिद्ध कर दिया कि सही दिशा, उचित संसाधन और सकारात्मक वातावरण मिलने पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। कुल 710 छात्र-छात्राओं में से 653 प्रथम श्रेणी, 54 द्वितीय और 2 छात्रों ने तृतीय श्रेणी से परीक्षा पास की। इनमें से भी 2 विद्यार्थियों ने 95त्न से अधिक 15 ने 90 प्रतिशत, 85 ने 85 व 30 छात्र-छात्राओं ने 80 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल कर अपनी योग्यता का शानदार प्रदर्शन किया।वाणिज्य संकाय में भी विद्यार्थियों ने शत-प्रतिशत सफलता प्राप्त कर एक उल्लेखनीय कीर्तिमान स्थापित किया, जहां सभी विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण कर अपनी मेहनत और लगन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। इसमें कुल 18 छात्रों ने परीक्षा दी सभी पास हुए। इनमें से 6 छात्र प्रथम श्रेणी व 12 छात्र-छात्राएं द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुए।वर्ष 1997-98 में प्रारंभ हुई यह महत्वाकांक्षी आवासीय विद्यालय योजना आज सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। वर्तमान में प्रदेश में 42 आवासीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनमें 14,500 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों में अनुसूचित जाति, जनजाति, विशेष पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तथा अन्य वंचित वर्गों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा, आवास, पौष्टिक भोजन, पोशाक, पाठ्यपुस्तकें, लेखन सामग्री और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जो उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।राज्य सरकार द्वारा इस योजना पर निरंतर बढ़ाया जा रहा निवेश भी इसकी सफलता की कहानी को और सशक्त बना रहा है। वर्ष 2022-23 में 58 करोड रुपए खर्च कर 10317, वर्ष 23-24 में 88 करोड रुपए खर्च कर 11234, 24-25 में 98 करोड रुपए खर्च कर 11960 और 25-26 में दिसंबर तक 67 करोड रुपए व्यय कर 12570 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। राज्य सरकार दूरदर्शी व समावेशी सोच से न केवल शिक्षा का स्तर ऊंचा हुआ है, बल्कि समाज के वंचित वर्गों को भी मुख्यधारा में लाने का महत्वपूर्ण कार्य हुआ है। सतत, सुव्यवस्थित और परिणामोन्मुख मॉनिटरिंग से मिले परिणाम छात्र-छात्राओं की सतत, सुव्यवस्थित और परिणामोन्मुख मॉनिटरिंग, नियमित परामर्श तथा विषय विशेषज्ञों के सटीक मार्गदर्शन ने इस उल्लेखनीय सफलता की मजबूत आधारशिला रखी है। गौरतलब है कि प्रदेश भर में संचालित सभी 42 आवासीय विद्यालय राजस्थान रेजिडेंशियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन सोसाइटी (राइस) के माध्यम से संचालित किया जा रहे हैं। इन सभी आवासीय विद्यालयों में राजस्थान बोर्ड का पाठ्यक्रम लागू है। विद्यालयों में बालिका आवासीय विद्यालय में महिला एवं बाल विकास विभाग की उड़ान योजना के अंतर्गत निशुल्क सेनेटरी नैपकिन भी दिए जाते हैं। अशोक शर्मा/ 5:40 बजे/ 27 अप्रेल 2026