राष्ट्रीय
27-Apr-2026
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-सुप्रीम कोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े मामले में की अहम टिप्पणी नई दिल्ली,(ईएमएस)। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक लिव-इन रिलेशनशिप में रेप और मारपीट के आरोपों से जुड़े एक मामले की सुनवाई कर अहम टिप्पणियां कीं। मामले में महिला ने दावा किया था कि शादी का वादा करने के बाद एक पुरुष ने उसके साथ मारपीट की थी। सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने दोनों व्यक्तियों के बीच के रिश्ते की प्रकृति पर ध्यान केंद्रित किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों ही वयस्क थे और सालों तक साथ रहे थे। जस्टिस नागरत्ना ने सवाल उठाया कि आपसी सहमति से बना रिश्ता बाद में आपराधिक आरोप में कैसे बदल सकता है। महिला ने बिना शादी के उस आदमी से बच्चा पैदा किया, और अब वह रेप और मारपीट का आरोप लगा रही है। यह क्या है? जज ने जोर देकर कहा कि इस तरह के मामलों में सहमति को समझना बहुत ज़रूरी है। जब रिश्ता आपसी सहमति से बना हो, तब अपराध का सवाल ही कहाँ उठता है? सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि शादी के बाहर के रिश्तों में कुछ जोखिम हो सकते हैं। शीर्ष अदालत ने कहा कि जब इसतरह से रिश्ते खत्म होते हैं, तब हालात अक्सर पेचीदा होते हैं। जज ने कहा कि लिव-इन रिश्तों में यही होता है। वे सालों तक साथ रहते हैं। जब वे अलग होते हैं, तब महिला आकर शिकायत दर्ज कराती है... ये सब शादी के बाहर के रिश्तों की ही पेचीदगियां हैं। सुनवाई के दौरान, महिला के वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता को पता नहीं था कि वह आदमी पहले से शादीशुदा है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह सिर्फ़ मौजूदा मामले के तथ्यों पर ही ध्यान देगा। बेंच ने महिला की हालत पर भी चिंता जताकर कहा कि वह अपने बच्चे के लिए मदद मांग सकती है। आशीष दुबे / 27 अप्रैल 2026