अंतर्राष्ट्रीय
30-Apr-2026
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300 दिन बाद दुनिका का सबसे शक्तिशाली जेराल्ड फोर्ड लौटा वॉशिंगटन(ईएमएस)। अमेरिका का सबसे शक्तिशाली और दुनिया का सबसे विशाल विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड अपनी ऐतिहासिक और चुनौतीपूर्ण तैनाती को समाप्त कर अब स्वदेश लौटने की तैयारी में है। लगभग 300 दिनों से अधिक समय तक समुद्र की लहरों पर डटे रहने के बाद यह दिग्गज एयरक्राफ्ट कैरियर अपने होमपोर्ट वर्जीनिया के लिए रवाना होने वाला है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, मई के मध्य तक इसके अमेरिका पहुंचने की संभावना है। वियतनाम युद्ध के बाद से यह किसी भी अमेरिकी विमानवाहक पोत की सबसे लंबी निरंतर तैनाती मानी जा रही है, जिसने एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। इस जहाज की तैनाती केवल समय के लिहाज से ही नहीं, बल्कि ऑपरेशंस के मामले में भी बेहद महत्वपूर्ण रही। अपनी एक ही यात्रा के दौरान इसने यूरोप, लैटिन अमेरिका और मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) जैसे तीन अलग-अलग रणनीतिक क्षेत्रों में अपनी ताकत का लोहा मनवाया। जून में नॉरफॉक नेवल स्टेशन से रवाना होने के बाद इसने पहले मेडिटेरेनियन (भूमध्य सागर) में मोर्चा संभाला, फिर कैरेबियन सागर में वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी से जुड़े मिशन का हिस्सा बना और अंत में ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच इसे पश्चिम एशिया की सुरक्षा में तैनात किया गया। पश्चिम एशिया में इसकी मौजूदगी उस सैन्य जमावड़े का हिस्सा थी, जो साल 2003 के बाद पहली बार देखा गया। हाल के हफ्तों में यूएसएस जेराल्ड फोर्ड के साथ यूएसएस जॉर्ज बुश और यूएसएस अब्राहम लिंकन की एक साथ तैनाती ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य प्रभुत्व को चरम पर पहुंचा दिया था। यह घेराबंदी विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और संभावित नाकेबंदी को रोकने के लिए की गई थी। हालांकि, 300 दिनों की इस थका देने वाली तैनाती ने जहाज और उस पर सवार सैनिकों पर गहरा असर डाला है। यह मिशन विवादों से भी अछूता नहीं रहा; लंबे समय तक समुद्र में रहने के कारण जहाज में आग लगने की घटनाएं सामने आईं और मेंटेनेंस की गंभीर जरूरतें पैदा हुईं। साथ ही, क्रू सदस्यों पर बढ़ते मानसिक दबाव और संसाधनों की कमी की खबरें भी चर्चा का विषय रहीं। जानकारों का मानना है कि इतने लंबे मिशन जहाज की तकनीकी क्षमता और सैनिकों की युद्धक तैयारी को प्रभावित करते हैं। अब इस जंगी बेड़े की रवानगी के साथ ही पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य रणनीति के एक बड़े अध्याय का समापन होने जा रहा है। वीरेंद्र/ईएमएस/30अप्रैल2026 ---------------------------------