राज्य
30-Apr-2026


- संघ विचारधारा के विस्तार में दिखेगा नारी शक्ति वंदन का प्रभाव भोपाल (ईएमएस)। देशभर में इनदिनों नारी शक्ति वंदन अधिनियम की चर्चा गर्म है। देश की आधी आबादी को आकर्षित करने के लिए सभी राजनीतिक पार्टियां जुटी हुई हैं। इसी कड़ी में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भी बड़े बदलाव की योजना पर काम कर रहा है। यानी अब संघ में भी नारी शक्ति वंदन अधिनियम का प्रभाव दिखेगा। जानकारी के अनुसार, अब संघ इस कोशिश में लगा हुआ है कि देशभर में महिलाओं की शाखाएं भी लगाई जाए। दरअसल, मामला संघ की व्यावहारिक समेत सैद्धांतिक विचारधारा के विस्तार का है। जिसमें अब नारी शक्ति की वंदना भी संघ के ध्वज के मान को दोगुना करेगी। देश की आधी आबादी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से जोडऩे के लिए अब मध्य भारत से बड़ी पहल शुरू की जा रही है। यह कवायद भले ही नारी शक्ति के आत्मबल और सम्मान को प्रबल करने के लिए हो लेकिन एक तीर से दो निशाने कहना गलत नहीं होगा। ऐसा पहली बार होगा जब किशोरी, युवतियों और महिलाओं को संघ की विचारधारा से सीधे तौर पर जोडऩे के लिए विधिवत रूपरेखा तैयार की गई है। हालांकि दुर्गा वाहिनी जैसे संघ के अनुषांगिक संगठन इस ओर सालों से अपने कदम बढ़ा रहे हैं। लेकिन, अब सिर्फ नारी शक्ति को लेकर संघ के वर्गों की नई परिभाषा लिखी जाएगी। किशोरी विकास वर्ग विश्व हिंदू परिषद के प्रांत प्रचार प्रसार प्रमुख जितेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि प्रदेश में लव जिहाद के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इन मामलों को लेकर संघ ने कई स्तर पर चिंतन मनन भी किया। इसमें पाया कि जिहादी मानसिकता और विधर्मियों के निशाने पर ज्यादातर 13 साल से 25 साल तक की किशोरी और युवतियां टारगेट पर रहती हैं। लिहाजा किशोरी विकास वर्ग के जरिए सावधानियां, प्रशिक्षण, आत्मरक्षा, आत्मनिर्भरता समेत संघीय विचारधारा से रूबरू कराया जाएगा। मतलब महिलाओं की भी शाखा की तैयारी की जा रही है। कांग्रेस-भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप तेज मामले को लेकर कांग्रेस ने संघ पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता डॉक्टर विक्रम चौधरी ने कहा कि महिला विरोधी मानसिकता का संघ भी यह समझ चुका है कि अब देश की आधी आबादी के बिना इनके संगठन का भी उद्धार संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आरएसएस और इनकी विचारधारा के तमाम संगठनों ने नारी शक्ति के सशक्तिकरण के लिए कभी कदम नहीं उठाए। न शाखाओं में सम्मान दिया, न वैवाहिक सामाजिक जीवन की आधारभूत विचारधारा को अपनाया। यह सिर्फ आडंबर है। कांग्रेस ने यह भी कहा कि नारी शक्ति को संघ के इस षड्यंत्र से सावधान रहने की जरूरत है। दूसरी ओर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि संघ कोई राजनीतिक संगठन नहीं है। यह सामाजिक संगठन है। लिहाजा इस पर राजनीति करना भी ठीक नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि समय के साथ लव जिहाद समेत नारी शक्ति के सशक्त वंदन के लिए इसी कवायद भी जरूरी हैं। जब जब नारी के सम्मान और जिहादी ताकतों के विरोध में कोई कदम उठाया जाएगा तो निश्चित ही कांग्रेस को दर्द ही होगा। विनोद / 30 अप्रैल 26