- कांग्रेस का सिविल लाइन थाने में प्रदर्शन बिलासपुर (ईएमएस)। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कथित एआई जनरेटेड आपत्तिजनक वीडियो को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोलते हुए बिलासपुर में सिविल लाइन थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। सोशल मीडिया पर कथित फेक और एआई से तैयार वीडियो के वायरल होने के बाद कांग्रेस संगठन में आक्रोश खुलकर सामने आ रहा है। वीडियो को लेकर राज्यभर—दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर—में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा आपत्ति दर्ज कराई जा रही है। इसी कड़ी में बिलासपुर में प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभयनारायण राय, पूर्व सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रमोद नायक और पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष जावेद मेमन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल सिविल लाइन थाने पहुंचा। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस पोल खोल नामक आईडी से इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो प्रसारित किया गया, जो पूरी तरह भ्रामक और एआई जनरेटेड है। इसमें भूपेश बघेल की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है। अभयनारायण राय ने आवेदन में कहा कि यह वीडियो न केवल असत्य है, बल्कि इससे एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता की छवि को धूमिल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो में महिला सम्मान को भी ठेस पहुंचाई गई है, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। राय ने कहा कि इस घटना से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आमजनों में आक्रोश है और पुलिस प्रशासन को तत्काल अपराध दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग की ओर से दुर्ग और रायपुर के पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। पूर्व सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रमोद नायक ने कहा कि ऐसे मामलों में शासन और पुलिस प्रशासन को स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने इसे समाज में अराजकता फैलाने वाला कृत्य बताते हुए चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर वैधानिक कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी। सिविल लाइन थाना प्रभारी सुब्रत साहू ने आवेदन प्राप्त कर पावती दी है। उनका कहना है कि मामले को वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाकर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। थाने में आवेदन देने के दौरान अभयनारायण राय, प्रमोद नायक, जावेद मेमन के साथ एनएसयूआई बिलासपुर अध्यक्ष रंजीत सिंह, युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव ऋषि कश्यप, शहर उपाध्यक्ष मोहम्मद आयाज खान, मोहम्मद रिजवान, मोनू ठाकुर, शुभम नागदौने, वकार भाई सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर एआई जनरेटेड कंटेंट और उसके दुरुपयोग को लेकर बहस तेज कर दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल रहे ऐसे वीडियो अब सीधे राजनीतिक विवाद का कारण बनते नजर आ रहे हैं, जिस पर कानूनी कार्रवाई और निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। - 30 अप्रैल 2026