राज्य
30-Apr-2026


मुंबई, (ईएमएस)। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी सलीम डोला को मुंबई के मुख्य महानगर दंडाधिकारी कोर्ट ने 8 मई तक एनसीबी (एनसीबी) की हिरासत में भेज दिया है। दिल्ली से बुधवार शाम मुंबई लाए जाने के बाद गुरुवार को उसे अदालत में पेश किया गया। जांच एजेंसी ने 10 दिनों की कस्टडी मांगी थी। यह कस्टडी 2023 के एक मामले में दी गई है, जिसमें 20 किलो एमडी (मेफेड्रोन) बरामद किया गया था। पकड़े गए आरोपियों ने दावा किया था कि यह ड्रग्स सलीम डोला ने भेजा था। गुरुवार सुबह सलीम डोला की रिमांड को लेकर कुछ समय के लिए जांच एजेंसी में भ्रम की स्थिति बन गई। पहले उसे मुंबई सेशन कोर्ट के विशेष एनडीपीएस कोर्ट में पेश किया गया। लेकिन कोर्ट ने सवाल उठाया कि यह उसकी पहली रिमांड है, तो उसे सीधे इस कोर्ट में कैसे पेश किया जा सकता है? एनसीबी ने बताया कि दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे 2 दिन की ट्रांजिट रिमांड दी थी। लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ट्रांजिट रिमांड केवल आरोपी को सही अदालत में पेश करने के लिए होती है, इसे पहली रिमांड नहीं माना जा सकता। इसके बाद एनसीबी अधिकारी उसे वापस ले गए और फिर मुख्य महानगर दंडाधिकारी कोर्ट में पेश किया, जहां उसे 8 मई तक एनसीबी कस्टडी में भेज दिया गया। मालूम हो कि 59 वर्षीय सलीम डोला को हाल ही में तुर्की में गिरफ्तार किया गया था और बाद में भारतीय एजेंसियों को सौंप दिया गया। वह कई सालों से फरार था और विदेश से ही ड्रग्स नेटवर्क चला रहा था। तुर्की की खुफिया एजेंसी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उसे पकड़ा गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह भारत और विदेशों में फैले ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का बड़ा समन्वयक था। - ड्रग्स तस्करी में लंबा इतिहास 1998 में मुंबई एयरपोर्ट पर 40 किलो मंद्रैक्स के साथ पहली बार गिरफ्तार डी-कंपनी के ड्रग्स कारोबार का प्रमुख संचालक 1000 करोड़ रुपये के फेंटानिल मामले में भी नाम सामने आया गुटखा तस्करी केस में भी जांच के दायरे में एनसीबी ने उसकी जानकारी देने पर 1 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था। - कौन है सलीम डोला? सलीम डोला को मुख्य रूप से मेफेड्रोन (एमडी) बनाने और सप्लाई करने वाला दाऊद इब्राहिम का प्रमुख सहयोगी माना जाता है। वह मुंबई के डोंगरी इलाके का रहने वाला है और करीब 10 साल पहले भारत छोड़कर भाग गया था। वह विदेश से ही ड्रग्स नेटवर्क संचालित करता था, जिसकी कड़ी सांगली, सूरत, यूएई और तुर्की तक फैली हुई थी। 2024 में मुंबई क्राइम ब्रांच ने कुर्ला से 4 किलो एमडी जब्त किया था, जिसमें उसका नाम सामने आया। इंटरपोल की मदद से उसके बेटे ताहेर और भतीजे मुस्तफा मोहम्मद कुब्बावाला को यूएई से डिपोर्ट किया गया था, जिसके बाद उसके नेटवर्क के कमजोर होने का दावा किया गया। संजय/संतोष झा- ३० अप्रैल/२०२६/ईएमएस