उत्तर प्रदेश को पवित्र गंगा उपजाऊ प्रदेश बनाती है और अब गंगा एक्सप्रेस- वे उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनायेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकार्पण कर गंगा एक्सप्रेस- वे जनता को समर्पित कर दिया, इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछड़े, बीमारू और अपराध प्रदेश कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश में अब कानून का राज है, वह वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, इन शब्दों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मेहनत को पुरस्कृत कर दिया। गंगा एक्सप्रेस- वे से आवागमन ही सुगम नहीं होगा बल्कि, व्यापार बढ़ेगा, युवाओं को रोजगार मिलेगा, किसानों को सही मूल्य मिलेगा, बीमार को समय पर उपचार मिलेगा, साथ ही गंगा एक्सप्रेस- वे गरीब को न्याय दिलाने में भी सहायक होगा। बीपी गौतम उत्तर प्रदेश की हृदय रेखा गंगा एक्सप्रेस- वे पर ही चर्चा कर रहे हैं... अपराध प्रदेश में है अब कानून का राज: मोदी भारत माता की जय। गंगा मइया की जय। गंगा मइया की जय। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, यहां के मुख्यमंत्री श्रीमान योगी आदित्यनाथ जी, उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश जी पाठक, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी जितिन प्रसाद जी, पंकज चौधरी जी, यूपी सरकार के मंत्रीगण, सांसद और विधायकगण, अन्य जनप्रतिनिधि और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे प्यारे भाइयों और बहनों। सर्वप्रथम, मैं भगवान नरसिंह की इस पुण्य भूमि को प्रणाम करता हूं। यहां से कुछ किलोमीटर की दूरी पर मां गंगा कृपा बहाती हुई गुजरती है। इसलिए, यह पूरा क्षेत्र ही तीर्थ से कम नहीं है। और मैं मानता हूं यूपी को एक्सप्रेस- वे का यह वरदान, यह भी मां गंगा का ही आशीर्वाद है। अब आप कुछ ही घंटों में संगम भी पहुंच सकते हैं और काशी में बाबा के दर्शन करके भी वापस आ सकते हैं। साथियों, जैसे मां गंगा हजारों वर्षों से यूपी की और इस देश की जीवन रेखा रही है, वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में, उनके समीप से गुजरता ये एक्सप्रेस- वे, यह यूपी के विकास की नई लाइफ लाइन बनेगा। यह भी अद्भुत संयोग है कि पिछले चार-पांच दिनों में, मैं मां गंगा के सानिध्य में ही रहा हूं। 24 अप्रैल को मैं जब बंगाल में था तो, मां गंगा के दर्शन किए थे और फिर कल तो मैं काशी में था। आज सुबह ही फिर बाबा विश्वनाथ, मां अन्नपूर्णा और मां गंगा के दर्शन करने का सौभाग्य मिला है और अब मां गंगा के नाम पर बने, इस एक्सप्रेस- वे के लोकार्पण का अवसर मिला है। मुझे खुशी है कि यूपी सरकार ने इस एक्सप्रेस- वे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा है, इसमें विकास का हमारा विजन भी झलकता है और हमारी विरासत के भी दर्शन होते हैं। मैं यूपी के करोड़ों लोगों को गंगा एक्सप्रेस- वे की बधाई देता हूं। साथियों, आज लोकतंत्र के उत्सव का भी एक अहम दिन है। बंगाल में इस समय दूसरे चरण का मतदान हो रहा है और जो खबरें आ रही हैं, उनसे पता चलता है कि बंगाल में भारी मतदान हो रहा है। पहले चरण की तरह ही जनता वोट देने के लिए बड़ी संख्या में घरों से निकल रही हैं, लंबी-लंबी का कतारों की तस्वीरें सोशल मीडिया में छाई हुई हैं। पिछले 6-7 दशक में जो नहीं हुआ, जिसकी कल्पना भी मुश्किल थी, वैसे निर्भीक वातावरण में बंगाल में इस बार वोटिंग हो रही है। लोग भय मुक्त होकर वोट दे रहे हैं। यह देश के संविधान और देश के मजबूत होते लोकतंत्र का पुण्य प्रतीक है। मैं बंगाल की महान जनता का आभार व्यक्त करता हूं कि वो अपने अधिकार के प्रति इतनी सजग है, बड़ी संख्या में वोटिंग कर रही है। अभी वोटिंग खत्म होने में कई घंटे बाकी हैं, मैं बंगाल के जनता से आग्रह करूंगा कि लोकतंत्र के इस पर्व में ऐसे ही उत्साह से भाग लें। साथियों, कुछ समय पहले जब बिहार में चुनाव हुए तो, बीजेपी एनडीए ने प्रचंड जीत दर्ज की थी, एक इतिहास रच दिया था। अभी-अभी कल ही गुजरात में महा नगरपालिका, नगर पालिका, जिला पंचायतें, नगर पंचायतें, तहसील पंचायत, इन सबके चुनाव के नतीजे आए हैं और मेरे उत्तर प्रदेश वासियों को खुशी होगी, 80 से 85 प्रतिशत नगर पालिका और पंचायतों को भाजपा ने जीत ली है और मुझे विश्वास है कि इन पांच राज्यों के चुनाव में भी भाजपा ऐतिहासिक जीत की हैट्रिक लगाने जा रही है। 4 मई के नतीजे, विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेंगे, देश के विकास की गति को नई ऊर्जा से भरेंगे। साथियों, देश के तेज विकास के लिए हमें तेजी से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का भी निर्माण करना है। दिसम्बर 2021 में गंगा एक्सप्रेस- वे का शिलान्यास करने मैं शाहजहाँपुर आया था। अभी 5 साल से भी कम समय हुआ है और आप देखिए, देश के सबसे बड़े एक्सप्रेस- वे में शुमार यूपी का सबसे लंबा ग्रीन कॉरिडॉर एक्सप्रेस- वे, यह 5 साल के भीतर-भीतर बनकर तैयार हो गया है। आज हरदोई से इसका लोकार्पण भी हो रहा है। यही नहीं, एक ओर गंगा एक्सप्रेस- वे का निर्माण पूरा हुआ है तो, साथ ही, इसके विस्तार की योजना पर काम भी शुरू हो गया है। जल्द ही गंगा एक्सप्रेस- वे, मेरठ से आगे बढ़कर हरिद्वार तक पहुंचेगा। इसके और बेहतर उपयोग के लिए फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेस- वे का निर्माण कर, इसे अन्य एक्सप्रेस- वे से भी जोड़ा जाएगा। यह है, डबल इंजन सरकार का विजन! यह है भाजपा सरकार के काम करने की स्पीड! यह है, भाजपा सरकार के काम का तरीका! भाइयों-बहनों, कुछ ही दिन पहले मुझे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस- वे के लोकार्पण का अवसर मिला था। तब मैंने कहा था कि यह नए बनते एक्सप्रेस- वे, विकसित होते भारत की हस्तरेखाएं हैं और यह आधुनिक हस्तरेखाएं, आज भारत के उज्ज्वल भविष्य का जयघोष कर रही हैं। साथियों अब वो दौर चला गया, जब एक सड़क के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ता था! एक बार घोषणा हो गई तो, वर्षों तक फाइलें चलतीं थीं! चुनाव के लिए पत्थर लग जाता था, उसके बाद सरकारें आती रहतीं थीं, जाती रहतीं थीं लेकिन, काम का कुछ अता-पता नहीं लगता था। कभी-कभी तो पुराने फाइलें ढूंढने के लिए बड़े-बड़े अफसरों को दो-दो साल तक मेहनत करनी पड़ती थी। डबल इंजन सरकार में शिलान्यास भी होता है और तय समय में लोकार्पण भी होकर के रहता है। इसलिए ही आज यूपी के एक्सप्रेस- वे से भी ज्यादा रफ्तार अगर कहीं है तो, वो यूपी के विकास की रफ्तार ही है। साथियों, यह एक्सप्रेस- वे केवल एक हाइस्पीड सड़क नहीं है। यह नई संभावनाओं का, नए सपनों का, नए अवसरों का गेट- वे है। गंगा एक्सप्रेस- वे करीब 600 किलोमीटर लंबा है। पश्चिमी यूपी में मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, सम्भल और बदायूं। मध्य यूपी में शाहजहाँपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली। पूर्वी यूपी में प्रतापगढ़ और प्रयागराज, इनके आस-पास के दूसरे जिले, गंगा एक्सप्रेस- वे, इससे इन इलाकों के करोड़ों लोगों का जीवन बदलेगा। साथियों, इन क्षेत्रों को गंगा जी और उनकी सहायक नदियों की उपजाऊ मिट्टी का वरदान मिला है लेकिन, पहले की सरकारों ने जिस तरह किसानों की उपेक्षा की, उसके कारण किसान परेशानियों में ही घिरकर के रह गए! यहाँ के किसानों की फसलें बड़े बाजारों तक नहीं पहुँच पाती थीं। कोल्ड स्टोरेज की कमी थी। लॉजिस्टिक्स का अभाव था। किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य नहीं मिलता था। अब उन कठिनाइयों का समाधान भी तेजी से होगा। गंगा एक्सप्रेस- वे से कम समय में बड़े बाजारों तक पहुँच मिलेगी। यहाँ खेती के लिए जरूरी इनफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा, इससे हमारे किसानों की आय बढ़ेगी। साथियों, गंगा एक्सप्रेस- वे यूपी के एक छोर को दूसरे छोर से तो जोड़ता ही है। यह एनसीआर की असीम संभावनाओं को भी करीब लाएगा। गंगा एक्सप्रेस- वे पर गाड़ियाँ तो दौड़ेंगी ही, इसके किनारे नए औद्योगिक अवसर विकसित होंगे, इसके लिए हरदोई जैसे दूसरे जिलों में इंडस्ट्रियल कॉरिडॉर विकसित किए जा रहे हैं। इससे हरदोई, शाहजहाँपुर, उन्नाव समेत सभी 12 जनपदों में नए उद्योग आएंगे। अलग-अलग सेक्टर्स जैसे फार्मा, टेक्सटाइल आदि के क्लस्टर्स विकसित होंगे। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे। साथियों, हमारे यह युवा मुद्रा योजना और ओडीओपी जैसी योजनाओं, उसकी ताकत से खुद भी नए-नए कीर्तिमान गढ़ रहे हैं। यहाँ छोटे उद्योग, एमएसएमई को बढ़ावा मिल रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा से उनके लिए भी नए रास्ते खुलेंगे। मेरठ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री, संभल का हेंडक्राफ्ट, बुलंदशहर के सिरेमिक, हरदोई का हैंडलूम, उन्नाव का लेदर, प्रतापगढ़ के आंवला प्रॉडक्ट्स, यह सब बड़े स्केल में देश दुनिया के मार्केट में पहुंचेगे। लाखों परिवारों की इससे आमदनी बढ़ेगी। आप मुझे बताइए, क्या पुरानी सपा सरकार में हरदोई, उन्नाव जैसे जिलों में इंडस्ट्रियल कॉरिडॉर बनाने की कल्पना तक हो सकती थी क्या? हमारे हरदोई से भी एक्सप्रेस- वे गुजरेगा, यह कोई सोच सकता था क्या कभी? यह काम केवल भाजपा सरकार में ही संभव है। साथियों, पहले यूपी को पिछड़ा और बीमारू प्रदेश कहा जाता था, वही उत्तर प्रदेश, आज वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनने के लिए आगे बढ़ रहा है। यह एक बहुत बड़ा लक्ष्य है लेकिन, इसके पीछे उतनी ही बड़ी तैयारी भी है, क्योंकि यूपी के पास इतनी असीम क्षमता है। देश की इतनी बड़ी युवा आबादी का पोटेंशियल यूपी के पास है, इस ताकत का इस्तेमाल हम यूपी को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए कर रहे हैं। यूपी में नए उद्योग और कारखाने लगेंगे, यहाँ जब बड़ी मात्रा में निवेश आएगा, तभी यहाँ आर्थिक प्रगति के दरवाजे खुलेंगे, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। भाइयों-बहनों, इसी विजन को केंद्र में रखकर बीते वर्षों में लगातार काम हुआ है। आप सब खुद भी महसूस कर रहे हैं, जिस यूपी की पहचान पहले पलायन से होती थी, आज उसे इन्वेस्टर्स समिट और इंडस्ट्रियल कॉरिडॉर के लिए जाना जा रहा है। यूपी की इन्वेस्टर समिट में देश और दुनिया से कंपनियाँ आतीं हैं। यूपी में हजारों करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है। आज अगर भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है तो, उसमें बहुत बड़ा योगदान यूपी का है। आज भारत जितने मोबाइल बना रहा है, उसमें आधे मोबाइल हमारे यूपी में बन रहे हैं। अभी कुछ ही हफ्ते पहले, मैंने नोएडा में सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास भी किया है। साथियों, आप सब जानते हैं, एआई के इस दौर में, सेमीकंडक्टर कितनी बड़ी फील्ड बनती जा रही है। यूपी उसमें भी लीड लेने के लिए आगे बढ़ रहा है। भविष्य में असीम अवसरों वाला बहुत बड़ा क्षेत्र यूपी के लोगों के लिए खुल रहा है। साथियों, उत्तर प्रदेश का औद्योगिक विकास आज भारत की सामरिक ताकत भी बन रहा है। आज देश के दो डिफेंस कॉरिडॉर्स में से एक यूपी में है। बड़ी-बड़ी डिफेंस कंपनियाँ यहाँ अपनी फैक्ट्री लगा रहीं हैं। ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें, जिनका लोहा दुनिया मानती है, आज वो यूपी में बन रहीं हैं। रक्षा उपकरणों के निर्माण में जो छोटे-छोटे पार्ट्स चाहिए होते हैं, उनकी सप्लाइ के लिए एमएसएमई को काम मिलता है। इसका बहुत बड़ा लाभ उत्तर प्रदेश के एमएसएमई सेक्टर को हो रहा है। छोटे-छोटे जिलों में भी अब युवा बड़े-बड़े उद्योगों से जुड़ने का सपना देख सकते हैं। साथियों, आज उत्तर प्रदेश इतनी तेज गति से विकास कर रहा है, क्योंकि यूपी ने पुरानी सियासत को भी बदला है और नई पहचान भी बनाई है। आप याद करिए, एक समय यूपी की पहचान गड्ढों से होती थी। आज वही यूपी, देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेस- वे वाला प्रदेश बन चुका है। पहले यहाँ पड़ोस के जिले तक जाना भी बड़ा मुश्किल था लेकिन, आज उत्तर प्रदेश में 21 एयरपोर्ट हैं, 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। अब तो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन भी हो चुका है। गंगा एक्सप्रेस- वे से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कुछ ही घंटों की दूरी पर है। भाइयों-बहनों, हमारा उत्तर प्रदेश भगवान राम और भगवान कृष्ण की धरती है लेकिन, पिछली सरकारों ने अपनी करतूतों के कारण अपराध और जंगलराज को यूपी की पहचान बना दिया था। यूपी के माफियाओं पर फिल्में बनतीं थीं। लेकिन, अब यूपी की कानून व्यवस्था का देश भर में उदाहरण दिया जाता है। भाइयों बहनों, संसाधनों का बंदरबाँट करने वाले जिन सपाइयों के हाथ से सत्ता गई है, उन्हें यूपी की ये प्रगति पसंद नहीं आ रही है। वो एक बार फिर यूपी को पुराने दौर में धकेलना चाहते हैं। वो एक बार फिर, समाज को बांटना और तोड़ना चाहते हैं। साथियों, समाजवादी पार्टी विकास विरोधी भी है और नारी विरोधी भी है। अभी बीते दिनों देश ने एक बार फिर सपा और काँग्रेस जैसी पार्टियों का असली चेहरा देखा है। केंद्र की एनडीए सरकार संसद में नारीशक्ति वंदन संशोधन लेकर आई थी। अगर यह संशोधन पास हो जाता तो, साल 2029 के चुनाव से ही महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में आरक्षण मिलता! बड़ी संख्या में हमारी मातायें-बहनें सांसद विधायक बनकर दिल्ली-लखनऊ पहुँचती। वो भी, किसी और वर्ग की सीटें कम हुये बिना! लेकिन, सपा ने इस संशोधन बिल के खिलाफ वोट किया। साथियों, इस बिल से सभी राज्यों की सीटें भी बढ़तीं। हमने संसद में साफ-साफ कहा था, सभी राज्यों की सीटें एक ही अनुपात में बढ़ेंगी लेकिन, यूपी को गाली देकर पॉलिटिक्स करने वाली डीएमके जैसी पार्टियां, उन्हें इस बात पर आपत्ति थी कि यूपी की सीटें क्यों बढ़ेंगी? आप देखिए, समाजवादी पार्टी संसद में उन्हीं के सुर में सुर मिला रही थी। यह सपा वाले यहाँ से आपके वोट लेकर संसद जाते हैं और संसद में यूपी के लोगों को गाली देने वालों के साथ खड़े होते हैं, इसीलिए यूपी के लोग कहते हैं, समाजवादी पार्टी कभी सुधर नहीं सकती है। यह लोग हमेशा महिला विरोधी राजनीति ही करेंगे। यह हमेशा तुष्टीकरण और अपराधियों के साथ खड़े होंगे। सपा कभी भी परिवारवाद और जातिवाद से ऊपर नहीं उठ सकती। यह लोग हमेशा विकास विरोधी राजनीति ही करेंगे। यूपी को सपा और उसके सहयोगियों से सावधान रहना है। साथियों, आज देश एक ही संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है- विकसित भारत का संकल्प! इस संकल्प को पूरा करने में उत्तर प्रदेश की बहुत बड़ी भूमिका है। आप सब देख रहे हैं, आज पूरी दुनिया कैसे युद्ध, अशांति और अस्थिरता में फंसी हुई है। दुनिया के बड़े-बड़े देशों में हालात खराब हैं लेकिन, भारत विकास के रास्ते पर उसी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। बाहर के दुश्मनों को यह पसंद नहीं आ रहा। भीतर बैठे कुछ लोग भी सत्ता की भूख में भारत को नीचा दिखाने की कोशिशों में लगे हैं, फिर भी, हम न केवल सुरक्षित हैं बल्कि, विकास के नए-नए कीर्तिमान भी गढ़ रहे हैं। हम आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। हम आधुनिक से आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रहे हैं। गंगा एक्सप्रेस- वे इसी दिशा में एक और मजबूत कदम है। मुझे विश्वास है, गंगा एक्सप्रेस- वे, जिन संभावनाओं को हमारे दरवाजे तक लेकर आएगा, यूपी के लोग अपने परिश्रम और अपनी प्रतिभा से उन्हें साकार करके रहेंगे, इसी संकल्प के साथ, आप सभी को एक बार बहुत-बहुत बधाई। बहुत-बहुत धन्यवाद! भारत माता की जय। भारत माता की जय। वंदे मातरम। वंदे मातरम। वंदे मातरम। वंदे मातरम। वंदे मातरम। बहुत-बहुत धन्यवाद! मुख्यमंत्री ने किसानों का आभार जताया उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस- वे के निर्माण में किसानों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक लाख से अधिक किसानों ने इस परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराई, जिससे इसका समय पर निर्माण संभव हो सका। उन्होंने कहा कि 12 जिलों के एक लाख से अधिक किसानों ने इस एक्सप्रेस- वे के लिए अपनी भूमि दी। मैं उन सभी अन्नदाता किसानों का आभार व्यक्त करता हूं, जिनके सहयोग से यह परियोजना साकार हो सकी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना की आधारशिला दिसंबर 2021 में रखी गई थी और इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया गया, जो राज्य सरकार की बुनियादी ढांचा विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेस- वे न केवल परिवहन को सुगम बनाएगा बल्कि, राज्य की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस परियोजना के लिए लगभग 18,000 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई, जबकि एक्सप्रेस- वे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक्स केंद्र विकसित करने के लिए करीब 7,000 एकड़ भूमि अलग से चिह्नित की गई है। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेस- वे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा और सड़क संपर्क, कृषि विपणन तथा क्षेत्रीय विकास को मजबूती प्रदान करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य को गति देगा। हरिद्वार से जोड़ा जायेगा गंगा एक्सप्रेस- वे मेरठ से प्रयागराज के बीच 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस- वे पर विकास का पहिया दौड़ने लगा है, इस ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस- वे को उत्तराखंड के हरिद्वार तक जोड़ा जायेगा, साथ ही छः लेन वाले एक्सप्रेस- वे को आने वाले समय में आठ लेन का भी किया जायेगा, इसका खुलासा लोकार्पण के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही कर दिया। 519 गांवों से गुजर रहा है गंगा एक्सप्रेस- वे गंगा एक्सप्रेस- वे 36,230 करोड़ रुपये में बन कर तैयार हुआ है। गंगा एक्सप्रेस- वे उत्तर प्रदेश के 12 जनपदों और 519 गांवों से होकर गुजर रहा है, इनमें मेरठ, बुलंदशहर, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे बड़े महानगर भी सम्मिलित हैं। गंगा एक्सप्रेस- वे पर बनाई गई है एयरस्ट्रिप गंगा एक्सप्रेस- वे पर 3.5 किलोमीटर लंबा एयरस्ट्रिप भी बनाया गया है, इस पर भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमान आपात लैंडिंग कर सकेंगे। चीन और पाकिस्तान सीमा के निकट होने से गंगा एक्सप्रेस- वे पर बनाई गई एयरस्ट्रिप सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, साथ ही आपदा के दौरान जीवनरक्षक सुविधा तत्काल मुहैया कराई जा सकती है। नरेंद्र मोदी ने 2021 में किया था शिलान्यास गंगा एक्सप्रेस- वे का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा हरदोई जनपद के मल्लावां में बुधवार को किया गया, इससे पहले 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही शाहजहांपुर जनपद में गंगा एक्सप्रेस- वे का शिलान्यास किया था। नरेंद्र मोदी का मानना है कि जिस कार्य का शिलान्यास किया जाये, उसका लोकार्पण भी किया जाये, किसी कार्य को अधूरा न छोड़ा जाये और न ही लटकाया जाये, जिससे आम जनता के बीच नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की जमकर प्रशंसा की जा रही है। न्याय दिलाने में सहायक बनेगा गंगा एक्सप्रेस- वे गंगा एक्सप्रेस- वे के कारण पूरब और पश्चिम के बीच दूरी तय करने में आधे से भी कम समय लगेगा और खर्च भी कम होगा। प्रयागराज और बदायूं जैसे जनपदों के बीच की दूरी तय करने से पहले व्यक्ति कई बार विचार करता था, इसी उलछन में कई सारे लोग उच्च न्यायालय इलाहाबाद की शरण में जाने से कतराते थे, इतनी दूर जाने का किराया और दो-तीन दिन रुकने का खर्च गरीब नहीं उठा सकता था, जिससे न्याय भी उससे दूरी बना कर ही रहता था पर, अब बदायूं जैसे दूर बसे जिले का व्यक्ति सुबह को प्रयागराज जा कर शाम तक घर लौट सकता है, इस गंगा एक्सप्रेस- वे से व्यापार क्षेत्र में भी अप्रत्याशित लाभ होगा, साथ ही युवाओं को बड़े शहरों की ओर जाने में आसानी होगी। दो सौ किलोमीटर की दूरी तक युवा आसानी से रोजगार खोज सकते हैं और अपने गांव से ही कार्य स्थल तक जा सकते हैं, इस सबके अलावा धार्मिक व्यक्ति पुण्य लाभ भी अर्जित कर सकेगा, जिसका उल्लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में भी किया है। कांवड़ यात्रा से बाधित होता था आवागमन श्रावण मास में कांवण यात्रा के कारण कई दिशाओं में जाम के हालात बन जाते थे, रूट डायवर्जन किया जाता था, जिससे आवागमन में बड़ी समस्या होती थी। बरेली से बदायूं जिले के कछला तक कांवण यात्रा निकाली जाती है, इसी तरह रामपुर से गढ़मुक्तेश्वर तक रोड बाधित रहता था, जिससे दिल्ली जाने वालों को पूरे माह समस्या होती थी, इससे व्यापार भी प्रभावित होता था लेकिन, गंगा एक्सप्रेस- वे से अब दिल्ली जाने का मार्ग बाधित नहीं होगा। गंगा एक्सप्रेस- वे पर फास्टैग पास लागू नहीं होगा गंगा एक्सप्रेस- वे पर फास्टैग पास लागू नहीं होगा, क्योंकि फास्टैग पर दी जाने वाली वार्षिक पास सुविधा राष्ट्रीय राजमार्गों पर ही लागू होती है, जबकि गंगा एक्सप्रेस- वे का निर्माण और संचालन एक राज्य स्तरीय संस्था यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी) द्वारा किया जा है, इसीलिये केंद्र सरकार वाला वार्षिक पास लागू नहीं होगा। गंगा एक्सप्रेस- वे पर दो मुख्य टोल प्लाजा हैं, जो मेरठ और प्रयागराज के ट्रैफिक का प्रबंधन करेंगे, इसके अलावा 19 रैम्प टोल प्लाजा हैं, जो एंट्री और एग्जिट पर नियंत्रण रखेंगे। (लेखक, दिल्ली से प्रकाशित हिंदी साप्ताहिक गौतम संदेश के संपादक हैं) ईएमएस/01/05/2026