* खर्च का ब्योरा नहीं देने पर नोटिस की चेतावनी, भाजपा की प्रचंड जीत, कांग्रेस और आप के हजारों उम्मीदवारों की जमानत जब्त अहमदाबाद (ईएमएस)| राज्य में हाल ही में संपन्न हुए स्थानीय स्वराज्य चुनावों के बाद चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों को उनके चुनावी खर्च का पूरा विवरण प्रस्तुत करने के लिए अंतिम चेतावनी जारी की है। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी उम्मीदवार 13 मई तक अपने खर्च का पूरा हिसाब जमा कर दें। समयसीमा के भीतर विवरण न देने वाले उम्मीदवारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। कई उम्मीदवारों द्वारा अब तक खर्च का विवरण प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण आयोग ने सख्ती दिखाई है। जिला चुनाव अधिकारियों के अनुसार, उम्मीदवारों को चुनाव के दौरान किए गए प्रत्येक खर्च का पूरा और सटीक ब्यौरा देना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) स्तर पर जांच के बाद जिला कलेक्टर कार्यालय के लेखा विभाग के माध्यम से आयोग तक पहुंचाई जाएगी। खर्च की अधिकतम सीमा भी तय की गई है - नगर निगम के लिए 9 लाख रुपये, जिला पंचायत के लिए 6 लाख रुपये और तालुका पंचायत के लिए 3 लाख रुपये। इन सीमाओं के भीतर ही उम्मीदवारों को खर्च करने की अनुमति है। गौरतलब है चुनाव परिणामों में बड़े राजनीतिक बदलाव देखने को मिले हैं। कांग्रेस के 2,223 और आम आदमी पार्टी के 3,365 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई, क्योंकि उन्हें कुल वोटों का 10 प्रतिशत भी हासिल नहीं हुआ। परिणामों में भाजपा का दबदबा साफ नजर आया। राज्य की 84 नगरपालिकाओं में भाजपा ने 1,676 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस सिर्फ 367 सीटों पर सिमट गई। 34 जिला पंचायतों में भी भाजपा ने 701 सीटें जीतकर भारी बढ़त बनाई, जबकि कांग्रेस को केवल 103 सीटें मिलीं। वहीं 260 तालुका पंचायतों में भाजपा ने 2,943 सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस के हिस्से में 769 सीटें आईं। चुनाव आयोग ने दोहराया है कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी उम्मीदवारों को समय पर खर्च का हिसाब देना अनिवार्य है, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी। सतीश/01 मई