हाथरस (ईएमएस)। न्यायालय ने बच्चा तस्करी के एक चर्चित मामले में अहम फैसला सुनाते हुए आठ में से पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोषियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।अभियोजन पक्ष के अनुसार मुरसान गेट स्थित जागेश्वर गेट नंबर-2 निवासी राजेश गोस्वामी ने 9 मई 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका चार वर्षीय नाती कविश घर के बाहर खेलते समय लापता हो गया। पुलिस जांच में सामने आया कि मोनू पाठक और नेहा पाठक ने बालक का अपहरण कर मानव तस्करी के उद्देश्य से उसे आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा ले जाया। रास्ते में बच्चे के फोटो व वीडियो बनाकर गिरोह से जुड़े मेंहदी पाटला राघवेन्द्र को भेजे गए, जहां 1.80 लाख रुपये में सौदा तय हुआ।पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विजयवाड़ा के इलूरू रोड स्थित एक होटल से मोनू पाठक, नेहा पाठक, मेंहदी पाटला राघवेन्द्र और सुब्बालक्ष्मी को बच्चे के साथ बरामद किया। वहीं, बोडेडा मल्लिकार्जुन राव को विशाखापत्तनम के पड़ेरू बस स्टैंड से गिरफ्तार किया गया।मामले में नामजद तीन अन्य आरोपी—राजेश उर्फ उमेश, सोनिया मिश्रा और मधुरानी शर्मा—को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता पीयूष वशिष्ठ के तर्कों को न्यायालय ने स्वीकार किया।न्यायालय ने मोनू पाठक, नेहा पाठक, मेंहदी पाटला राघवेन्द्र, सुब्बालक्ष्मी और बोडेडा मल्लिकार्जुन राव को बीएनएस की धारा 143(4) के तहत दोषी पाते हुए सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता गोविंद वशिष्ठ, कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी हरि श्याम और पैरोकार आरक्षी रामकुमार ने पैरवी की। ईएमएस / 01 मई 2026