राष्ट्रीय
02-May-2026
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गृहमंत्री बोले- सब कुछ ठीक हो जाएगा, 22 मई को उप-समिति की बैठक लेह,(ईएमएस)। पर्यावरणविद् और लेह एपेक्स बॉडी के सदस्य सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात लेह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की उनके साथ लद्दाख के कई अन्य प्रमुख नेता भी मौजूद थे। यह मुलाकात मुख्य रूप से भगवान बुद्ध और आध्यात्मिकता पर केंद्रित रही। केंद्रीय गृह मंत्री शाह भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की एक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में भाग लेने लद्दाख के दो दिवसीय दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने लद्दाख के नेताओं के साथ बैठक की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बातचीत में अमित शाह ने नेताओं से भगवान बुद्ध में विश्वास बनाए रखने का आग्रह किया और उन्हें आश्वासन दिया कि सब कुछ ठीक हो जाएगा। लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद के पूर्व मुख्य कार्यकारी ग्यालसन भी इस बैठक में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि यह बैठक गृह मंत्री की ओर से बुलाई गई थी। शाह ने स्पष्ट किया कि उनकी यह यात्रा पूरी तरह से आध्यात्मिक है और वे यहां भगवान बुद्ध के अवशेषों के दर्शन करने आए हैं। शाह ने लद्दाख के नेताओं को सूचित किया कि लद्दाख से जुड़े मुख्य मुद्दों पर 22 मई को गृह मंत्रालय की एक उप-समिति की बैठक में चर्चा की जाएगी। ग्यालसन के मुताबिक शाह ने नेताओं से कहा कि वे 22 मई की बैठक में खुले दिमाग से आएं और बीच का रास्ता निकालने का प्रयास करें। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यदि इस उप-समिति की बैठक में कोई आम सहमति बनती है, तो बाद में एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस 30 मिनट की बैठक में एलएबी के सह-अध्यक्ष त्सेरिंग दोरजे लकरूक और लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा भी मौजूद थे। लकरूक ने बताया कि उन्होंने गृह मंत्री के सामने कई मांगें रखीं। नेताओं ने शाह से आग्रह किया कि वे लद्दाख वार्ता के लिए गृह मंत्रालय की एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति की अध्यक्षता करें। उन्होंने 22 मई की प्रस्तावित उप-समिति की वार्ता को उच्चाधिकार प्राप्त बैठक के स्तर पर अपग्रेड करने का भी अनुरोध किया। अमित शाह ने इन मांगों को फिलहाल यह कहते हुए टाल दिया कि वह अभी आध्यात्मिक यात्रा पर हैं। सांसद हनीफा ने शाह के हवाले से बताया कि यदि 22 मई की बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो उसके बाद निश्चित रूप से एक उच्चाधिकार प्राप्त बैठक की जाएगी। यह बैठक लद्दाख के लिए एक महत्वपूर्ण समय पर हुई है। लगभग सात महीने पहले, 24 सितंबर 2025 को लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची के तहत संरक्षण की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर पुलिस फायरिंग हुई थी। इस हिंसक घटना में चार लोगों की मौत हो गई थी और 80 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस घटना के बाद, सोनम वांगचुक पर अपने भाषणों के जरिए प्रदर्शनकारियों को भड़काने का आरोप लगा था। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया गया था और जोधपुर जेल में रखा गया था। बता दें गृह मंत्रालय के पैनल और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच पहले दौर की बातचीत पिछले साल 22 अक्टूबर को दिल्ली में हुई थी। इसके बाद 4 फरवरी को दूसरे दौर की बातचीत हुई, लेकिन वह अनिर्णायक रही। अब सभी की निगाहें 22 मई को होने वाली उप-समिति की बैठक पर टिकी हैं, जिससे लद्दाख के भविष्य की दिशा तय होने की उम्मीद है। सिराज/ईएमएस 02मई26