- मास्टरमाइंड आरोपी पूर्व छात्र ने बिजनेस प्लानिंग के बहाने दिल्ली से भोपाल बुलाया - बंधक बनाया, पिस्टल की नोंक पर धमका कर 1 करोड़ 89 लाख कराये ट्रांसफर - दतिया से हथियारबंद बदमाशों को बुलाकर दहशत फैलाते हुए की वारदात - वारदात के एक दिन पहले किराये पर लिया मकान - अपहरण वाले दिन कराया सुंदरकांड, जिससे पीड़ितो की आवाजे कोई सुन न सके - सरगना सहित 6 आरोपी गिरफ्तार, - विदेश में फरारी काटने का था प्लान, बचने के लिये एम्स में हुआ भर्ती, पुलिस ने वहीं से किया गिरफ्तार भोपाल(ईएमएस)। राजधानी की क्राइम ब्रांच टीम ने दिल्ली में आईएएस अकेडमी संचालिका को सेमिनार का झांसा देकर भोपाल बुलाने के बाद बंधक बनाते हुए पिस्टल की नोक पर 1.89 करोड़ की संगठित लूट की घटना के मास्टरमाइंड प्रियांक शर्मा सहित आधा दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सरगना प्रियांक शर्मा अकेडमी का पुराना छात्र निकला, जो भेल के एक रिटायर्ड अधिकारी का बेटा है और पूर्व में दिल्ली में रहकर आईएएस कोचिंग से ही यूपीएससी की तैयारी कर चुका है। इसके साथ ही वह इसी इंस्टीट्यूट की भोपाल में फ्रेंचाइजी भी संचालित करता है। उसने दतिया से बदमाशो को बुलाकर पीड़िता का अपने ही साथी के अपहरण का डर दिखाते हुए उसका वीडियो बनाकर वारदात को इतने शातिराना तरीके से अंजाम दिया था, की महिला पुलिस में शिकायत भी न कर सकें और आगे भी उसे रकम देती रहे। साथ ही सरगना पुलिस से बचने के लिये एम्स हॉस्पिटल में इलाज के लिये भर्ती हो गया। मामले में पुलिस ने मास्टरमांइड सहित आधा दर्जन आरोपियो को दबोचा है। - सेमिनार का झांसा देकर भोपाल बुलाया अधिकारियो से मिली जानकारी के अनुसार ए-79/80 हरदेव नगर, दिल्ली में रहने वाले संतोष कुमार पिता नीलेंदु ठाकुर ने शिकायत करते हुए बताया की शुभ्रा रंजन आईएएस अकेडमी की डायरेक्टर है। वे देश की जानमानी यूपीएससी मेंटर हैं। शुभ्रा और उनके अन्य सहयोगियों को प्रियांक शर्मा पिता विष्णु शर्मा निवासी 1बी एचआईजी भवानी धाम फेस-1 अयोध्या बायपास थाना अयोध्या नगर ने अकेडमी में एडमिशन और सेमिनार का झांसा देकर भोपाल बुलाया था। फरियादी ने यह भी साफ किया की प्रियांक शर्मा उनके संस्थान से दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर चुका है। इसके साथ ही वह इंस्टीट्यूट की भोपाल में फ्रेंचाइजी भी संचालित करता है। वह उनका पूर्व से ही परिचित है, और उस पर विशवास कर ही वह उसके बुलाने पर भोपाल आये थे। - होटल से ले जाकर फ्लैट में बंधक बनाया हथियारबंद बदमाशो ने दी मारने की धमकी बीते सोमवार को दिल्ली से भोपाल आने के बाद शुभ्रा होटल ताज में ठहरी थीं। इस होटल के बाहर से आरोपी प्रियंक शर्मा ने उन्हें पिक किया। और बागसेवनिया के एक फ्लैट में ले जाकर दो दिन तक बंधक बनाकर रखा। यहा आरोपी ने अपने अन्य हथियारबंद साथियो के साथ उन्हें कट्टा अड़ाकर जान से मारने की धमकी दी। और उन्हें डरा धमकाकर अपनी सोसायटी जनकशिला और आरएस इनंटरप्रइजेस के अलग-अलग बैंक खातों में 1 करोड़ 89 लाख की रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करा ली। - पीड़िता को अपहरण में फंसाने का झूठा वीडियो भी बनाया शातिर आरोपी प्रियंक शर्मा ने पुलिस से बचने, साक्ष्य छुपाने और महिला को डराने के लिये पीड़ितों से झूठा वीडियो भी बनवाया। इस वीडियो में अपने एक साथी को रस्सी से बांधकर बक्से में बंद करने जैसा नाटक कराया गया। ऐसा उसने यह सोचकर किया की पीडिता खुद के फंसने के डर से पुलिस में शिकायत नहीं करेगी और वीडियो के आधार पर वह उसे ब्लैकमेल करते हुए भविष्य में भी उसे मोटी रकम ऐठंता रहेगा। खाते से रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कराने के बाद आरोपी ने उन्हें पुलिस में शिकायत न करने की धमकी देते हुए छोड़ दिया था। - सुदंरकांड की आड़ में की वारदात पुलिस जॉच में सामने आया की प्रियंक शर्मा ने जिस फ्लैट में वारदात को अंजाम दिया है, वह उसने एक दिन पहले ही किराये पर लिया था। और प्लानिंग के मुताबिक वारदात वाले दिन वहॉ सुंदरकांड का आयोजन कराया जिससे पीड़ितो के शोर की आवाजे आस-पास के लोग सुन न सके। और उसके साथियो के अचानक आने पर भी किसी को कोई संदेह न हो। - आरोपी के चंगुल से छूटते ही पीड़िता पुलिस के पास पहुचीं वारदात को अंजाम देने बाद पीड़िता को मंगलवार रात प्रियंक शर्मा धमकी देकर छोड़कर फरार हो गया। बुधवार को पीड़िता ने आला असफरो को शिकायती आवेदन दिया। आवेदन की जांच के बाद भोपाल के थाना क्राइम ब्रांच में धारा 140(2),310(2),351(2),351(3),127(2),61(2),316(5),115(2),318(4) बीएनएस 25,27 आर्म्स एक्ट, 66(डी) आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरु की गई। - गिरफ्तारी से बचने के लिये एम्स में हो गया भर्ती पत्नि की भुमिका की जॉच जारी देर रात प्रियंक शर्मा की तलाश में पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी। वहॉ जानकारी लगी सीने में दर्द यानि हार्ट अटैक की तकलीफ होने पर उसे इलाज के लिये एम्स में आईसीयू में भर्ती किया गया है। पुलिस उसकी चालाकी समझ गई। डॉक्टरों से चर्चा करने पर सामने आया की आरोपी की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य है। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीमो द्वारा आरोपी को एम्स से गिरफ्तार करने के दौरान अस्पताल परिसर में आरोपी की माँ और पत्नी ने जमकर हंगामा किया। लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया वाहन और मोबाइल फोन जब्त किया है। लूट के मामले में पुलिस उसकी पत्नी की भुमिका की भी जाँच कर रही है। - विदेश भागने की फिराक में था मास्टरमांइड पूछताछ में प्रियांक शर्मा ने पुलिस को बताया कि उसने दिल्ली स्थित एक आईएएस एकेडमी के डायरेक्टर एवं स्टाफ को सेमिनार के बहाने भोपाल बुलाया था। इसके बाद अपने दोस्तो की मदद से कुछ लोगो को हथियारों के साथ बुलाकर पीड़ितों को डराने-धमकाने की योजना बनाई। बाद में आरोपी ने डरा-धमकाकर पीड़ित पक्ष से 1 करोड़ 89 लाख रुपये अपने अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। घटना को अंजाम देने के बाद वह पुलिस से बचने के लिये विदेश भागने की फिराक में था। लेकिन पुलिस के फौरन ही एक्शन मोड में आ जाने से उसे मौका नहीं मिला। तब बचने के लिये उसने खुद की बीमारी का झूठा बहाना बनाया और एम्स अस्पताल में भर्ती करा लिया। - मास्टरमाइंड के बाद साथियो की हुई धरपकड़ प्रियांक शर्मा से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने तुंरत ही उसके साथियो की तलाश शुरु की। टीमो ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर शहर के बागसेवनिया, कटारा हिल्स, झागरिया गांव, सेज यूनिवर्सिटी, अयोध्या नगर और मिनाल रेसिडेंसी में कई ठिकानो पर दबिश दी। आखिरकार कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसके साथी बदमाशो रोहित पिता जगन्नाथ मालवीय (24) निवासी, शाजापुर, दीपक भगत पिता परशुराम भगत निवासी, झुग्गी बस्ती लहारपुर, बागसेवनिया, विकास उर्फ विक्की दाहिया पिता रामअवतार निवासी, रीव, कुनाल यादव पिता कप्तान (20), पंकज अहिरवार पिता कालीचरण अहिरवार दोनो निवासी दतिया को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी रोहित के कब्जे से घटना प्रयुक्त पिस्टल जप्त की गई है। अफसरो को कहना है कि मामले में आगे की छानबीन जारी है। प्रकरण में जहॉ पुलिस को फरार आरोपी रामजी उर्फ निहाल प्रजापति की तलाश है, वहीं एक संदेही रामू उर्फ रामेश्वर शाक्य पिता बाबूलाल शाक्य (28) निवासी, हनुमानगंज की भूमिका की जॉच की जा रही है। - ग्रेजुएट कोचिंग, सफाईकर्मी और मजदूर है आरोपी जानकारी के अनुसार वरदात का मास्टरमांइड प्रियांक शर्मा ग्रेजुएट है, और कोचिंग चलाता है। वहीं दीपक भगत 8वीं तक पढ़ा है, और सरगने प्रियांक के साथ काम करता है। उसने पीड़िता के सामने बनाये गये वीडियो में मरने की एक्टिंग की थी। आरोपी रोहित 8वीं तक पढ़ा है, और साफ-सफाई का काम करता है। वारदात के दौरान वह अन्य आरोपियों के साथ मास्क और हथियार लेकर फ्लैट में मौजूद था। वहीं विकास उर्फ विक्की भी 8वीं तक पढ़ा है, जो मार्केटिंग का काम करता है। उसने प्रियांक के साथ मिलकर योजना बनाई थी। आरोपी कुनाल यादव 8वीं पास है, जो आरोपी विक्की का सहयोगी है, और मेहनत-मजदूरी का काम करता है। उसे विक्की ने वारदात में शामिल होने के लिए पांच लाख रुपए देने का लालच देकर बुलायाय था। विक्की का साथी आरोपी पंकज अहिरवार 5वीं पास है। फरार आरोपी रामजी उर्फ निहाल प्रजापति को भी विक्की ने वारदात में शामिल होने के एवज में पांच-पांच लाख रुपए का लालच देकर बुलाया था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। जुनेद / 3 मई