08-May-2026
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मुख्य आरोपी जसविंत सिंह प्रकाश सिंह सुखमणि फरार नांदेड,(ईएमएस)। महाराष्ट्र के नांदेड़ से एक ऐसी चौंकाने वाली खबर सामने आई है, इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को हिला दिया है और पूरे देश का ध्यान खींचा है। नांदेड़ ग्रामीण पुलिस ने अभूतपूर्व कार्रवाई में, एक घर से एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 4,796 घातक धारदार हथियार बरामद हुए हैं। इस बरामदगी को महाराष्ट्र के इतिहास में एक ही दिन में की गई हथियारों की सबसे बड़ी बरामदगी है, जो कि अपराधियों के सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ दिया है। पुलिस का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक साजिश को अंजाम देने के लिए हो सकता था, और इनका मकसद धार्मिक कदापि नहीं हो सकता। नांदेड़ ग्रामीण पुलिस को इलाके में अवैध हथियारों के बड़े पैमाने पर व्यापार की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर, इंस्पेक्टर ओमकांत चिंचोलकर के नेतृत्व में टीम ने बलीरामपुर में जाल बिछाया। वहां पुलिस को अभिजीत गिरिधर सातपुते नामक एक संदिग्ध युवक मिला, जो कि अपनी कमर में तलवार और खंजर छिपाए हुए थे। जब पुलिस ने आरोपी दबोचा और सख्ती से पूछताछ की, तो उसने जो राज उगला, उसने पुलिस को चौंका दिया। संदिग्ध युवक की निशानदेही पर पुलिस ने वजीराबाद के गुरु रामदास नगर स्थित एक घर पर छापेमारी की। पुलिस के पहुंचते ही एक आरोपी मौके से भागने में सफल रहा, लेकिन जब घर की गहन तलाशी हुई, तब वहां हथियारों का एक विशाल भंडार मिला। 24 घंटे तक चली मैराथन रेड में पुलिस ने कुल 4,796 हथियार जब्त किए। इसमें से 315 बड़ी तलवारें, 135 मध्यम तलवारें और सैकड़ों की संख्या में खंजर, खंडा, गुप्तियां और कुकरी शामिल थीं। पुलिस के मुताबिक, इन जब्त किए हथियारों की कीमत अवैध बाजार में करीब 43.48 लाख रुपये है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब्त किए गए 90 प्रतिशत हथियारों का इस्तेमाल केवल आपराधिक गतिविधियों के लिए हो सकता था। नांदेड पुलिस ने साफ किया है कि सजावट या धार्मिक कार्यों के नाम पर अवैध हथियारों की बिक्री करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे काले कारोबार का मुख्य आरोपी जसविंत सिंह प्रकाश सिंह सुखमणि बताया जा रहा है, जो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 4 और 25 के तहत मामला दर्ज किया है। जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतने बड़े पैमाने पर हथियार कहां से लाए गए थे और इनका वितरण किन-किन जिलों या राज्यों में होना था। नांदेड़ पुलिस ने चेतावनी दी है कि वे केवल हथियारों को पकड़ने तक सीमित नहीं रहने वाले हैं, बल्कि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा। आशीष दुबे / 08 मई 2026