राष्ट्रीय
08-May-2026
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* रामसर साइट्स और वेटलैंड्स में रिकॉर्ड संख्या में पक्षियों की उपस्थिति अहमदाबाद (ईएमएस)| गुजरात न केवल देश-विदेश के पर्यटकों के लिए, बल्कि प्रवासी पक्षियों के लिए भी पसंदीदा गंतव्य बनता जा रहा है। वर्ष 2025-26 में राज्य की पाँच रामसर साइट्स, नडाबेट और कच्छ के ‘रोड टू हेवन’ क्षेत्र में लगभग 35 लाख से अधिक प्रवासी और स्थानीय पक्षियों ने प्रवास किया। वन विभाग के अनुसार, ये प्रवासी पक्षी मुख्यतः नवंबर से फरवरी के बीच गुजरात पहुंचते हैं और यहां की वेटलैंड्स को अपना अस्थायी घर बनाते हैं। * नडाबेट बना सबसे बड़ा पक्षी आश्रय वाव-थराद जिले में स्थित नडाबेट क्षेत्र प्रवासी पक्षियों के लिए सबसे प्रमुख स्थल बनकर उभरा है। कुल 14.90 लाख से अधिक पक्षी 183 प्रजातियों की मौजूदगी प्रमुख प्रजातियाँ: लेसर फ्लेमिंगो: 9 लाख+ ग्रेटर फ्लेमिंगो: 1.20 लाख+ ब्लैक-विंग्ड स्टिल्ट: 1.63 लाख+ ग्रेट व्हाइट पेलिकन: 1 लाख+ यूरेशियन कूट, सैंडपाइपर, कॉर्मोरेंट सहित अनेक प्रजातियाँ * कच्छ का ‘रोड टू हेवन’ बना पक्षियों का आकर्षण केंद्र धोलावीरा क्षेत्र में स्थित यह नया पर्यटन स्थल प्रवासी पक्षियों के लिए अत्यंत अनुकूल साबित हो रहा है। कुल 7.90 लाख से अधिक पक्षी प्रमुख प्रजातियाँ: फ्लेमिंगो, पेलिकन, स्टील्ट, कूनज आदि वर्षा अधिक होने से पक्षियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि * नल सरोवर: अंतरराष्ट्रीय प्रवास का प्रमुख केंद्र (अहमदाबाद) 270 प्रजातियाँ 6.42 लाख से अधिक पक्षी मध्य एशियाई फ्लाईवे पर स्थित महत्वपूर्ण वेटलैंड वर्ष 1969 में पक्षी अभयारण्य और 2012 में रामसर साइट का दर्जा * थोल अभयारण्य: प्राकृतिक संतुलन का उदाहरण 205 प्रजातियाँ 74,452 प्रवासी पक्षी वर्ष 2021 से रामसर साइट का दर्जा गर्मी में जल सुविधा और सर्दियों में सुरक्षित आश्रय * खिजड़िया पक्षी अभयारण्य: 347 प्रजातियों की शान 3.12 लाख से अधिक प्रवासी पक्षी एशिया, यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका से आने वाले पक्षी वर्ष 2021 में रामसर साइट घोषित * छारी ढंड (कच्छ): नई रामसर साइट 2026 में गुजरात की पाँचवीं रामसर साइट 280+ प्रजातियाँ 1.50 लाख से अधिक पक्षियों का प्रवास * वढवाणा सरोवर: जैव विविधता का केंद्र 159 प्रजातियाँ 47,793 प्रवासी पक्षी वर्ष 2021 से रामसर साइट * गुजरात की कुल 5 रामसर साइट्स नल सरोवर (अहमदाबाद) थोल वेटलैंड (गांधीनगर) खिजड़िया अभयारण्य (जामनगर) वढवाणा वेटलैंड छारी ढंड (कच्छ) वन विभाग के अनुसार, कड़े संरक्षण कानूनों, जल प्रबंधन और वेटलैंड संरक्षण प्रयासों के कारण गुजरात पिछले डेढ़ दशक में प्रवासी पक्षियों के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल राज्य के रूप में उभरा है। यह उपलब्धि न केवल जैव विविधता संरक्षण का प्रतीक है, बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय भी है। सतीश/08 मई