- एयरक्राफ्ट लीजिंग सेक्टर में भारत की बड़ी छलांग - आईएफएससीए के जरिए गुजरात बना रहा है एविएशन लीजिंग इकोसिस्टम का मजबूत आधार : मुख्यमंत्री - गिफ्ट सिटी को बताया वैश्विक वित्तीय प्रवेशद्वार, 2035 तक 2250 विमानों के बेड़े का लक्ष्य तय : केंद्रीय मंत्री गांधीनगर (ईएमएस)| मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा है कि देश में एयरक्राफ्ट लीजिंग इंडस्ट्रीज के लिए गिफ्ट सिटी स्थित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) मुख्य भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी में भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय, आईएफएससीए और भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इंडिया एयरक्राफ्ट लीजिंग एंड फाइनेंसिंग समिट 2.0 का उद्घाटन किया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू की विशेष उपस्थिति में आयोजित इस समिट में देश-विदेश के एविएशन इंडस्ट्रीज के लीडर, नीति निर्माता और हितधारक सहभागी हुए। समिट की शुरुआत में एयर इंडिया, इंडिगो, स्टार एयर, बैंक ऑफ इंडिया, आईएफएससीए तथा अकासा की ओर से नागरिक उड्डयन क्षेत्र में नई साझेदारियों और निवेशों के लिए विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही, फिक्की की नॉलेज रिपोर्ट का अनावरण भी किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में बनी गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) ने देश के फिनटेक हब के रूप में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। यह समिट गिफ्ट सिटी के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) की एयरक्राफ्ट लीजिंग एंड फाइनेंसिंग सेक्टर की भूमिका को और व्यापक बनाकर श्रेष्ठ वैश्विक प्रथाओं को स्थानीय स्तर पर लागू करके एविएशन फाइनेंसिंग इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने का उद्देश्य पूरा करेगी। भूपेंद्र पटेल ने इस अवसर पर यह भी बताया कि एयरक्राफ्ट लीजिंग इंडस्ट्रीज के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस यानी कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने के लिए आईएफएससीए के माध्यम से यूनीफाइड रेगुलेटर की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पेश किए गए इस वर्ष के आम बजट में गिफ्ट सिटी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) में प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने के उद्देश्य से दिए गए टैक्स हॉलिडे और अन्य प्रोत्साहनों पर भी रोशनी डाली। उन्होंने यह संकल्प व्यक्त करते हुए कि गुजरात एविएशन इंडस्ट्रीज और एयरक्राफ्ट लीजिंग एंड फाइनेंसिंग सेक्टर में भी नेतृत्व करेगा, कहा कि गिफ्ट सिटी में संचालित आईएफएससीए ने अब तक 370 से अधिक एसेट्स लीज पर दिए हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस समिट में सहभागी हुए इंडस्ट्री लीडर्स से कहा कि गिफ्ट सिटी आईएफएससीए के साथ उनका सहयोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को तेजी से साकार करने में सहायक होगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने गिफ्ट सिटी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘ब्रेन चाइल्ड’ और भारत के लिए वैश्विक वित्तीय बाजारों का प्रवेशद्वार बताते हुए कहा कि गुजरात सरकार के सहयोग से गिफ्ट सिटी आज एशिया का सबसे गतिशील वित्तीय केंद्र और वैश्विक वित्तीय बाजारों के लिए भारत का प्रवेशद्वार बन गया है। उन्होंने गिफ्ट सिटी की तुलना डबलिन (आयरलैंड), सिंगापुर और दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय केंद्रों के साथ की और कहा कि गिफ्ट सिटी में एयरक्राफ्ट लीजिंग और फाइनेंसिंग के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार हुआ है, जो एविएशन सेक्टर में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी दशक में भारतीय एविएशन सेक्टर में लीजिंग के लिए 50 बिलियन डॉलर के विशाल अवसर तैयार हो रहे हैं और भारत अब ग्लोबल फाइनेंस का केवल ‘ग्राहक’ न रहते हुए ‘आर्किटेक्ट’ बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। भारत वर्ष 2035 तक लगभग 2250 एयरक्राफ्ट के बेड़े के साथ, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सिविल एविएशन मार्केट बनने के लिए तैयार है। केंद्रीय मंत्री ने केवल बड़े विमान ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए 40 से 100 सीटर विमान, हेलीकॉप्टर और सी-प्लेन की लीजिंग पर भी जोर दिया। उन्होंने इस मौके पर लक्षद्वीप में जल्द ही सी-प्लेन का संचालन शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार अब ‘फ्रैक्शनल ओनरशिप’ और एयरक्राफ्ट को ‘इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट’ के रूप में मानने जैसी नीतियों पर भी गंभीरता से काम कर रही है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि यह समिट भारत को एविएशन सेक्टर में ‘आत्मनिर्भर’ बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी। वर्तमान में, भारतीय एयरलाइंस के 80 फीसदी से अधिक एयरक्राफ्ट आयरलैंड, सिंगापुर और दुबई जैसे विदेशी अधिकारक्षेत्रों से लीज (पट्टे) पर लिए जाते हैं। सरकार का उद्देश्य अब भारत को केवल एक मार्केट नहीं, बल्कि ‘फाइनेंसिंग ज्यूरिस्डिक्शन’ के रूप में स्थापित करना है। आईएफएससीए के चेयरमैन के. राजारमन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजनरी नेतृत्व में भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा डोमेस्टिक एविएशन मार्केट बन गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के सहयोग से गिफ्ट सिटी में मेट्रो कनेक्टिविटी और अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की प्रशंसा की। राजारमन ने कहा कि वर्ष 2020 में जहां एक भी लीजिंग यूनिट नहीं थी, वहीं आज गिफ्ट सिटी में 40 से अधिक एयरक्राफ्ट लीजर्स कार्यरत हैं और 200 से अधिक विमानों तथा 84 इंजनों के लीजिंग समझौते सफलतापूर्वक हुए हैं। फिक्की सिविल एविएशन कमेटी के चेयरमैन और एयरबस इंडिया के प्रबंध निदेशक जुर्गन वेस्टरमियर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। समिट में केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय के उच्चाधिकारी, उड्डयन क्षेत्र के विशेषज्ञ, नीति निर्माता, इंडस्ट्री लीडर्स और निवेशक मौजूद रहे। - 08 मई