क्षेत्रीय
08-May-2026


दमोह (ईएमएस)। मध्यप्रदेश के दमोह जिले में संविधान लीडरशिप कार्यक्रम के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें स्वतंत्र पत्रकारिता पर बढ़ते दबाव, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण जैसे गंभीर विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, युवा एवं जागरूक नागरिक उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय पंकज मिश्रा ने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कही जाने वाली पत्रकारिता आज अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि जब सत्ता से प्रश्न पूछने वाली आवाज़ों को दबाने का प्रयास होता है, तब लोकतंत्र की मूल आत्मा आहत होती है। संविधान ने प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान किया है, जिसकी रक्षा करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने आगे कहा कि निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकारिता समाज को सत्य से परिचित कराने का कार्य करती है तथा जनहित के मुद्दों को शासन-प्रशासन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे समय में जब स्वतंत्र पत्रकारिता पर विभिन्न प्रकार के दबाव निर्मित किए जा रहे हैं, तब समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक को उसके समर्थन में खड़ा होना चाहिए। कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष्ज्ञा संजय चौरसिया डीपी पटेल, वीरेन्द्र राजपूत, प्रफुल्ल श्रीवास्तव, प्रवेन्द्र चन्द्राकर, खिल्लू ठाकुर, श्रीकांत पटेल, राकेश राय ने भी कहा कि बहुजन डिजीटल आवाज को बुलंद करने जिनकी आवाज उनके मुद्दे भाजपा सरकार किसी न किसी प्रकार से दबाना चाहती है उसके लिये कांग्रेस पार्टी जो सच उजागर करना चाहते है उनके साथ कांग्रेस पार्टी पूरी शक्ति तन मन धन से हर वक्त खड़ी है। इस अवसर पर दमोह जिलाध्यक्ष दृगपाल सिंह लोधी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने संविधान सम्मत मूल्यों, सामाजिक न्याय एवं लोकतांत्रिक परंपराओं को सशक्त बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने यह संकल्प व्यक्त किया कि लोकतंत्र, संविधान एवं जनअधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर जनजागरण अभियान। दमोह सत्ता पक्ष के सांसद नहीं करवा पा रहे अमृत सरोवर तालाब की जांच दमोह मध्य प्रदेश दमोह जिला पंचायत और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग दमोह के द्वारा वर्ष 2022 में 23 में दमोह जिले के अंतर्गत 113 अमृत सरोवर तालाब का निर्माण कार्य किया गया था जो की भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए जिसमें की अनेकों जगह पर अमृतसर सरोवर तालाब का निर्माण कार्य नहीं किया गया बल्कि अवैध उत्खनन और पत्थर की पुरानी खदानों को अमृत सरोवर तालाब बढ़कर निर्माण एजेंसी के द्वारा संपूर्ण राशि का आहरण कर लिया गया जब यह मुद्दा लगातार मीडिया के द्वारा उठाया गया तब दमोह जिले के सांसद राहुल सिंह लोधी के द्वारा अमृत सरोवर तालाब निर्माण की जांच करने के लिए जिला कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर को कहा गया तब जिला कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर और जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुल पगारे के द्वारा एक कमेटी का गठन किया गया जिसमें की अनेक विभाग अधिकारी और कर्मचारियों को शामिल किया गया और उनको एक माह का समय जांच करने के लिए दिया गया लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीतने के उपरांत भी अमृत सरोवर तालाब निर्माण की जांच नहीं हो पाई हमारे द्वारा अनेकों बार जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुल पगारे से जानने का प्रयास किया गया लेकिन हर बार जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुल पगारे के द्वारा कहा गया है कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है जांच पूरी होने के उपरांत आपको हमारे द्वारा अवगत करा दिया जाएगा लेकिन आज दिनांक तक जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुल पगारे के द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया तब हमारे द्वारा दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी से पूछा गया की अमृत सरोवर तालाब की जांच पिछले डेढ़ वर्ष में पूरी नहीं हो पाई है तब सांसद राहुल सिंह लोधी के द्वारा कहा गया कि जांच पूरी हो गई है अब उस पर कार्यवाही होगी लेकिन अपने आप में एक गंभीर सवाल यह है कि पूर्व में हमारे द्वारा अमृत सरोवर की जांच के संबंध में जिला पंचायत दमोह ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग दमोह में अनेक आरटीआई लगाई गई एवं अमृत सरोवर तालाब निर्माण की जांच की क्या रिपोर्ट कमेटी ने बनाई है इस संबंध में जानकारी चाहिए गई लेकिन हमारे लिए जिला पंचायत जिला पंचायत दमोह और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग दमोह के द्वारा आज दिनांक तक कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई अब देखना होगा कि दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी के द्वारा जो बात कही गई है कि अब जांच हो चुकी है और कार्यवाही होगी तब क्या रसूखदार लोगों पर कार्यवाही होगी कि नहीं यह अपने आप में एक गंभीर सवाल है और यह भी देखना होगा की कार्यवाही होने में कितना समय जिला प्रशासन लगता है क्योंकि दमोह जिले में जो अमृत सरोवर तालाब निर्माण में घोटाला हुआ है वह दमोह जिले के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा घोटाला साबित हुआ है अमृतसरोवर तालाब का मुख्य निर्माण का कारण ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराना किसानों को खेती के लिए पानी उपलब्ध कराना पशुओं को पीने के लिए पानी की उपलब्धता ग्रामीण क्षेत्रों में करना एवं वृक्षारोपण में भी पानी की उपलब्धता उपलब्ध कराना इसका मुख्य उद्देश्य था लेकिन अमृत सरोवर तालाब निर्माण अपने मुख्य उद्देश्य दमोह जिले में भटक गया है अब देखना होगा कि दोषियों पर कार्यवाही कब होती है या फिर मामले को एक बार फिर फाइलों में दबा दिया जाएगा ईएमएस/मोहने/ 08 मई 2026