नई दिल्ली (ईएमएस)। कबूतरों की बीट और उन्हें दाना खिलाने से पैदा होने वाली गंदगी पीडब्ल्यूडी यानी लोक निर्माण विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती है। विभाग ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को यह बात तब बताई, जब राजधानी में कबूतरों को अनाज खिलाने वालों से जुड़े प्रदूषण और सार्वजनिक परेशानी को लेकर एक याचिका दायर की गई। इस मामले की सुनवाई दिल्ली के एक निवासी की याचिका पर हो रही है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि सार्वजनिक जगहों पर बड़े पैमाने पर कबूतरों को दाना खिलाने और बिना इजाजत अनाज बेचने वालों की वजह से गंदगी फैल रही है, कूड़ा जमा हो रहा है और सेहत को खतरा पैदा हो रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को दिए अपने जवाब में पीडब्ल्यूडी ने इस मुद्दे से खुद को अलग कर लिया। विभाग ने कहा कि कबूतरों को दाना खिलाने और उनकी बीट से जुड़ी साफ-सफाई की चिंताएं उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं। 4 मई की अपनी रिपोर्ट में पीडब्ल्यूडी ने कहा कि याचिका में उठाए गए मुद्दे मुख्य रूप से साफ-सफाई, फुटपाथों की झाड़ू-सफाई, सार्वजनिक जगहों के रखरखाव और अनाज बेचने वाले अवैध विक्रेताओं को नियंत्रित करने से जुड़े हैं। ये सभी मामले दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/09/ मई/2026