कोरबा (ईएमएस) सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया की अनुसांगिक कंपनी एसईसीएल बिलासपुर के अधीन कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित एवं संचालित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल की मेगा परियोजना कुसमुंडा कोयला क्षेत्र की श्रमिक राजनीति में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। जानकारी के अनुसार लगभग 200 मजदूरों ने इंटक और एटक यूनियन का साथ छोड़कर भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ (बीएमएस) में शामिल होने घोषणा की। उक्त सदस्यता कार्यक्रम कुसमुंडा स्थित यूनियन कार्यालय में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में श्रमिकों और यूनियन पदाधिकारियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के दौरान बीएमएस पदाधिकारियों ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए संगठन की मजदूर हितैषी नीतियों और संघर्षशील भूमिका को सामने रखा। श्रमिकों ने भी संगठन पर भरोसा जताते हुए मजदूर अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने की बात कही। इस घटनाक्रम को कुसमुंडा क्षेत्र में श्रमिक संगठनों के बदलते समीकरण के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन अमिया मिश्रा ने किया। आयोजन में यूनियन के अध्यक्ष, महामंत्री टिकेश्वर राठौर सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि बीएमएस लगातार श्रमिक हितों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है और आने वाले समय में मजदूरों की समस्याओं को और मजबूती से उठाया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में नए सदस्यों ने संगठन के प्रति निष्ठा जताते हुए श्रमिक एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया। 09 मई / मित्तल