- शहरी विकास और विरासत संरक्षण के साथ जन-हितैषी योजनाओं का क्रियान्वयन हमारी प्राथमिकता: सांसद माया नारोलिया संसदीय समिति की बैठक: राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने तिरुपति में शहरी विकास और जन-कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की तिरुपति में विकास का मंथन: सांसद माया नारोलिया ने अमृत 2.0 और पीएम आवास योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं पर रखा अपना पक्ष नर्मदापुरम (ईएमएस)। भारत सरकार की आवास और शहरी मामलों की संसदीय स्थायी समिति (2025-26) के अध्ययन प्रवास के दौरान राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने तिरुपति में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने शहरी विकास, बुनियादी ढांचे की मजबूती और केंद्र सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर गहन चिंतन और संवाद किया। बैठक में आंध्र प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के अधिकारियों तथा तिरुपति शहरी विकास प्राधिकरण (TUDA) के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। सांसद श्रीमती नारोलिया ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं जैसे अमृत (AMRUT) 2.0, स्वच्छ भारत मिशन-शहरी, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-U) 2.0 और पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi) की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से शहरी चुनौती कोष UCF और पीएम ई-बस सेवा के विस्तार पर जोर दिया, ताकि आम नागरिकों को सुलभ और आधुनिक परिवहन सेवा मिल सके। धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी तिरुपति के सतत विकास पर चर्चा करते हुए श्रीमती नारोलिया ने कहा कि धार्मिक पर्यटन वाले शहरों में बुनियादी ढांचे का विकास इस तरह होना चाहिए कि वहां की विरासत भी सुरक्षित रहे और आने वाले श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं भी मिलें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास भी, विरासत भी का दृष्टिकोण आधुनिक भारत की मुख्य विचारधारा बन गया है, जो भौतिक प्रगति के साथ-साथ सांस्कृतिक गौरव को पुनर्जीवित कर रहा है। इसका उद्देश्य आधुनिकीकरण के साथ संस्कृति को मजबूती देना है। इसके साथ ही उन्होंने तिरुपति नगर निगम और जिला प्रशासन के साथ राजस्व जुटाने और बजट प्रबंधन के विषयों पर भी विचार साझा किए। संसदीय समिति के सदस्य के रूप में उन्होंने CPWD, NBCC और HUDCO जैसे प्रमुख संस्थानों के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने मानव संसाधन क्षमता को बढ़ाने और शहरी निकायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया। इस अध्ययन दौरे का मुख्य उद्देश्य विभिन्न राज्यों में चल रही शहरी परियोजनाओं की जमीनी हकीकत को समझना और भविष्य के लिए नीतियों को और अधिक जन-उपयोगी बनाना है। बैठक में देश के विभिन्न हिस्सों से आए संसदीय समिति के अन्य माननीय सदस्य और लोकसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। तिरुपति के पश्चात समिति अपने अगले पड़ाव के लिए हैदराबाद और गुलमर्ग हेतु प्रस्थान करेगी। ईएमएस/मोहने/ 06 मई 2026