- ग्राम जैतपुर में श्री 1008 आदिनाथ जैन मंदिर शिलान्यास महोत्सव ऐतिहासिक रूप से संपन्न, मुनि श्री 108 निरंजन सागर जी - महाराज का अवतरण दिवस भी श्रद्धाभाव से मनाया गया। सिरोंज (ईएमएस)। ग्राम जैतपुर में स्थित श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में बहुप्रतीक्षित एवं ऐतिहासिक शिलान्यास समारोह अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और आध्यात्मिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। लगभग 40 वर्षों की तप, आस्था और समाज की भावनाओं से जुड़े इस पावन अवसर ने पूरे क्षेत्र को धर्ममय बना दिया। शिलान्यास कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही तथा पूरा गांव भक्ति और उत्साह के रंग में रंगा नजर आया। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा, ध्वज, तोरणद्वार एवं रंगोलियों से भव्य रूप दिया गया था। गांव की गलियों में भक्ति गीतों, जयकारों और धार्मिक ध्वनियों की मधुर गूंज से वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने पूरे समर्पण भाव से सेवा कार्यों में भाग लिया तथा गांव के प्रत्येक व्यक्ति ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह संपूर्ण आयोजन पूज्य आचार्य श्री समयसागर महाराज जी के मंगल आशीर्वाद एवं प्रेरणा में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने पूज्य आचार्य विद्यासागर जी महाराज के तप, त्याग, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में पहुंचे विद्वान वक्ता पंडित महेंद्र जैन ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में धर्म, संस्कार, सेवा और समाज की एकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मंदिर केवल पत्थरों की संरचना नहीं होते, बल्कि समाज की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के जीवंत केंद्र होते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को धर्म और संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं तथा समाज में सद्भाव और एकता को मजबूत बनाते हैं। वहीं शाम के समय आयोजित विशाल धर्मसभा एवं प्रवचन कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रवचन में धर्म, संयम, सेवा, करुणा और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया। प्रवचन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे तथा पूरा वातावरण श्रद्धा और भक्ति में डूब गया। विशेष आकर्षण के रूप में पूज्य मुनि श्री 108 निरंजन सागर जी महाराज के पावन अवतरण दिवस को भी अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भक्ताम्बर पाठ का आयोजन किया गया तथा गांव के श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक रूप से सुंदरकांड का भव्य आयोजन किया गया। शाम के समय भव्य महाआरती आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर धर्मलाभ प्राप्त किया। आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर धार्मिक जयघोषों से गूंज उठा तथा वातावरण भक्तिमय हो गया। इसी क्रम में पूज्य महाराज श्री ने ग्राम के प्राचीन एवं श्रद्धा के केंद्र **सिद्ध बाबा स्थल** का भी भव्य भ्रमण किया। वहाँ पहुंचकर महाराज श्री ने शांत वातावरण में ध्यान साधना कर आध्यात्मिक ऊर्जा का संदेश दिया। महाराज श्री के ध्यान एवं साधना से उपस्थित श्रद्धालु अत्यंत भावविभोर हो उठे तथा पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण निर्मित हो गया। श्रद्धालुओं ने इसे अपने जीवन का सौभाग्यपूर्ण एवं अविस्मरणीय क्षण बताया। आयोजन की सबसे विशेष बात यह रही कि इसमें केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि अन्य समाजों के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग प्रदान किया। गांव में सामाजिक एकता, भाईचारे और सहयोग का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। अतिथियों के आत्मीय स्वागत, सेवा भावना और अनुशासित व्यवस्था ने सभी आगंतुकों का हृदय जीत लिया। ग्राम जैतपुर का यह ऐतिहासिक शिलान्यास समारोह अब केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सेवा, संस्कार, भक्ति और धर्म प्रभावना का जीवंत उदाहरण बन चुका है। आने वाले समय में यह आयोजन समाज के लिए प्रेरणास्रोत और ऐतिहासिक अध्याय के रूप में स्मरण किया जाएगा। ईएमएस/सलमान खान/ 09 मई 2026