राष्ट्रीय
10-May-2026


टोल ब्रिज पार करते हुए पकड़ी गई लोकेशन - उप्र-बिहार के शूटर्स पर पुलिस को शक कोलकाता (ईएमएस)। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या की गुत्थी सुलझाने में विशेष जांच दल (एसआईटी) को एक बड़ा सुराग मिला है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि वारदात के बाद फरार होते समय अपराधियों ने बाली टोल ब्रिज पार किया था और वहां टोल टैक्स का भुगतान यूपीआई के जरिए किया गया था। अब पुलिस इस डिजिटल ट्रांजैक्शन की कड़ियों को जोड़कर हत्यारों के बैंक विवरण और पहचान तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इस सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस ने अब तक तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है। हालांकि, घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य हमलावर पुलिस की पहुंच से बाहर हैं। गुरुवार रात माध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच अधिकारियों को अंदेशा है कि इस वारदात को अंजाम देने के लिए उत्तर प्रदेश या बिहार से पेशेवर शार्प शूटर बुलाए गए थे, जिसके चलते पुलिस की दो विशेष टीमें इन राज्यों के लिए रवाना कर दी गई हैं। जांच में सबसे बड़ी बाधा अपराधियों के भागने वाले रूट पर लगे खराब सीसीटीवी कैमरे बन रहे हैं। दोहारिया-माठपाड़ा इलाके के कई कैमरे लंबे समय से बंद हैं, जिसका फायदा उठाकर अपराधी अंधेरे में फरार होने में सफल रहे। पुलिस सूत्रों का मानना है कि हमलावरों के पास चंद्रनाथ रथ की सटीक लोकेशन थी और उन्हें पता था कि वह कार में किस तरफ बैठे हैं। पुलिस ने इलाके से मिले अन्य फुटेज के आधार पर एक संदिग्ध वाहन की पहचान भी की है, जो वारदात के समय मृतक की कार का पीछा कर रहा था। फिलहाल, पुलिस यूपीआई डेटा और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की घेराबंदी में जुटी है। रामयश/ईएमएस 10 मई 2026