रायपुर (ईएमएस)। कांग्रेस ने कहा कि उर्वरको की उपलब्धता पर सरकार अपनी चुप्पी तोड़े। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सभी समाचार पत्र खबरे छप रहे कि खरीफ सीजन के पहले उर्वरकों की कमी होने वाली है, लेकिन सरकार इस विषय पर कोई भी ठोस बात किसानों के सामने नहीं रख रही है। इसमें किसान परेशान है। पिछले वर्ष उर्वरकों की कमी को झेल चुके किसान सरकार के मौन के कारण विचलित हो रहे है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में कुल 2058 सहकारी समितियां है, जिनकी भंडारण क्षमता 4,84,665 मीट्रिक टन है। वहीं खरीफ सीजन के लिये कुल लक्ष्य 15 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले अब तक लगभग 51000 मीट्रिक टन उर्वरक का ही भंडारण हो सका है, जो लक्ष्य का मात्र 35.95 प्रतिशत है। यह स्थिति बताती है कि यदि आपूर्ति की गति नहीं बढ़ी तो खरीफ सीजन में संकट गहरा सकता है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में डीएपी का भंडारण लक्ष्य 2,25,650 मीट्रिक टन तय किया गया है। जबकि अब तक सिर्फ 25 प्रतिशत भंडारण हो पाया है। कई जिलों में अब तक भंडारण शुरू ही नहीं हो पाया है। इनमें बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभाग के कई जिले इस मामले में सबसे पीछे है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि खरीफ सीजन शुरू होने के पहले सरकार का दायित्व है कि वह किसानों के मांग के अनुरूप सोसायटियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक पहुंचाएं ताकि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके। सरकार उर्वरकों की उपलब्धता पर श्वेत पत्र जारी करे। कृषि मंत्री स्पष्ट करे कि अभी तक सरकार के पास कितने टन उर्वरकों की मांग का अनुमान है और सरकार ने कितने टन उर्वरक इंतजाम कर लिया है। पिछली बार की तरह झूठ बोलकर किसानों को गुमराह मत करे। मंत्री की हड़बड़ाहट बता रही है कि इस बार भी केंद्र की सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के हक और अधिकार का उर्वरक देने से आनाकानी कर रही है और दलीय चाटुकारिता में भाजपा के नेता अभी से बहाने तलाश रहे है। - (ईएमएस) 11 मई 2026