:: खजराना गणेश मंदिर में नर्मदा चिंतन का समापन; 2034 दिनों से केवल जल पर आश्रित दादागुरु ने भक्तों को दिलाया संकल्प :: इंदौर (ईएमएस)। खजराना गणेश मंदिर परिसर स्थित सत्संग सभागृह में आयोजित नर्मदा चिंतन ज्ञान यज्ञ के समापन अवसर पर सोमवार को तपोनिष्ठ संत दादागुरु भगवान ने हजारों भक्तों को प्रकृति और जल संरक्षण का संकल्प दिलाया। अखिल भारतीय दादा गुरु परिवार इंदौर नर्मदा मिशन की मेजबानी में हुए इस आयोजन में दादागुरु ने कहा कि माँ नर्मदा केवल जलधारा नहीं, बल्कि अमृत प्रदान करने वाली वह संजीवनी है, जिसके सान्निध्य में आज भी देवताओं का वास माना जाता है। दादागुरु ने माटी और जल की महत्ता बताते हुए कहा कि भारत वह देवभूमि है जिसने पूरी दुनिया को मिट्टी से जुड़कर जीना सिखाया है। उन्होंने खजराना गणेश की प्रतिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह जल से ही प्रगट हुई शक्ति है, जिसमें रोगों और दुखों को दूर करने का सामर्थ्य है। देवी अहिल्या की इस पावन धरा को समृद्ध बनाने में माँ नर्मदा का सबसे बड़ा योगदान है। नर्मदा कोई प्रवचन नहीं, बल्कि अनुभूति का विषय है। :: 6 वर्षों से केवल जल पर आश्रित हैं दादागुरु :: सैकड़ों भक्तों की उपस्थिति में दादागुरु ने अपने जीवन का जीवंत उदाहरण साझा करते हुए बताया कि वे पिछले 2034 दिनों से केवल माँ नर्मदा के जल पर आश्रित हैं। उन्होंने कहा कि जल की शक्ति ही मेरा सामर्थ्य है, जिसने जीवन को सहज बनाए रखा है। जल की एक-एक बूँद अनमोल है और इसका सदुपयोग करना ही ईश्वर की सबसे बड़ी सेवा है। आमतौर पर शहरी क्षेत्र में रात्रि विश्राम न करने वाले दादागुरु ने नर्मदा चिंतन प्रसंग के कारण रविवार की रात खजराना मंदिर के भक्त निवास में बिताई और सोमवार को धर्मसभा को संबोधित किया। :: पेड़-पौधों में भी बसते हैं परमात्मा :: प्रकृति प्रेम का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह हम पत्थर की मूर्ति में परमात्मा देखते हैं, उसी तरह नदी, पर्वत और पेड़ों में भी ईश्वर की शक्ति निहित है। अब वैज्ञानिक भी मानते हैं कि प्रकृति बातें करती है। उन्होंने भक्तों को संकल्प दिलाया कि वे नदियों को स्वच्छ रखेंगे और उनके तटों पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण की सेवा करेंगे। कार्यक्रम के प्रारंभ में आचार्य पं. रविकांत शास्त्री, संयोजक राजेंद्र बंसल, नित्यम बंसल, प्रेमा बंसल और अन्य गणमान्य नागरिकों ने दादागुरु की अगवानी की। :: पौधे भेंट कर दिया पर्यावरण का संदेश :: समापन अवसर पर दादागुरु ने कलश यात्रा में शामिल महिलाओं को पौधे भेंट किए। नर्मदाष्टक के पाठ और महाआरती के साथ इस सात दिवसीय अनुष्ठान का पूर्णता हुई। इस अवसर पर लगभग 5 हजार श्रद्धालुओं ने महाप्रसादी ग्रहण की। आयोजन के दौरान गोपाल गोयल, केके गोयल, मनोज अग्रवाल और प्रणीत बंसल सहित बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे। दादागुरु ने दोपहर में शहर के अन्य नर्मदा मंदिरों के भी दर्शन किए और इंदौर को अपना घर बताते हुए सेवा का आह्वान किया। प्रकाश/11 मई 2026