राज्य
11-May-2026
...


:: विद्याधाम पर भगवान परशुराम की यशोगाथा और भ्रांतियों पर हुआ मंथन; परिंदों के लिए भेंट किए सकोरे :: इंदौर (ईएमएस)। भगवान परशुराम को केवल एक जाति विशेष के दायरे में समेटना उनके विराट व्यक्तित्व के साथ अन्याय है। वे दस्यु मुक्त समाज के शिल्पी, नदियों के संरक्षणकर्ता और शोषितों के हक में शंखनाद करने वाले महापुरुष थे। यह विचार म.प्र. साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे ने रविवार रात विमानतल मार्ग स्थित विद्याधाम पर व्यक्त किए। वे आद्य गौड़ ब्राह्मण सेवा न्यास द्वारा आयोजित श्री परशुराम यशोगाथा - भगवान परशुराम और राष्ट्र आराधना विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। डॉ. दवे ने समाज में व्याप्त भ्रांतियों पर प्रहार करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को यह बताना अनिवार्य है कि परशुराम ने अन्याय के विरुद्ध शस्त्र उठाए थे, न कि किसी वर्ग विशेष के विरुद्ध। उन्होंने तथ्य उजागर करते हुए कहा कि जिस तरह गंगा के लिए भगीरथ को याद किया जाता है, उसी तरह ब्रह्मपुत्र, यमुना और चम्बल जैसी नदियों के उद्गम और जल प्रबंधन में परशुराम का अतुलनीय योगदान रहा है। उन्होंने आगाह किया कि आज जब बाहरी शक्तियां देश की सामाजिक समरसता को तोड़ने का प्रयास कर रही हैं, तब परशुराम के समरसता के सूत्रों को जन-जन तक पहुँचाना राष्ट्र की पहली जरूरत है। :: मिथक तोड़ वास्तविकता से जुड़ें युवा :: व्याख्यान के दौरान डॉ. दवे ने इस बात पर दुख जताया कि आज की नई पौध महापुरुषों के बजाय फिल्म अभिनेताओं को आदर्श मान रही है। हमारा दायित्व है कि बच्चों को परशुराम जैसे साहसिक योद्धा के पुरुषार्थ से अवगत कराएं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महानिर्वाणी पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानन्द भारती महाराज ने कहा कि देश की उन्नति के लिए परशुराम के दिखाए न्यायपूर्ण मार्ग पर चलना होगा। विशेष अतिथि के रूप में राष्ट्र कवि पं. सत्यनारायण सत्तन ने उपस्थित होकर अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। :: मूक पक्षियों की सेवा का संकल्प :: प्रारंभ में न्यास के अध्यक्ष पं. दिनेश शर्मा ने विषय प्रवर्तन करते हुए बताया कि पिछले तीन वर्षों से यह व्याख्यान माला भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। इस अवसर पर न्यास की मातृशक्ति भारती शर्मा और पिंकी शर्मा के नेतृत्व में एक अनूठी पहल की गई। भीषण गर्मी को देखते हुए कार्यक्रम में आए लोगों को परिंदों के लिए दाना-पानी रखने हेतु सकोरे भेंट किए गए और उन्हें घर-आँगन में रखने का संकल्प दिलाया गया। :: ये रहे उपस्थित :: समारोह में सुरेश शर्मा काका, एडवोकेट देवीप्रसाद शर्मा, राजेन्द्र शर्मा, डॉ. लोकेश जोशी, अखिलेश शर्मा, रामविलास राठी सहित शहर के विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद थे। संचालन दिनेश शर्मा ने किया और आभार महामंत्री सुरेश शर्मा काका ने माना। अतिथियों को संध्या वंदन से संबंधित पुस्तकें भी भेंट की गईं। आयोजन ने यह संदेश दिया कि सनातन संस्कृति की जड़ें सामाजिक समरसता और प्रकृति प्रेम में निहित हैं। प्रकाश/11 मई 2026