:: साइट पर ही किया इन-हाउस कायाकल्प; इंदौर-सिवनी सब स्टेशन में शुरू हुई बिजली सप्लाई :: इंदौर (ईएमएस)। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) इंदौर के इंजीनियरों ने अपनी तकनीकी दक्षता का लोहा मनवाते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने करीब 40 वर्ष पुराने और कंडम होने की कगार पर पहुँच चुके 40 एमवीए क्षमता वाले पावर ट्रांसफार्मर का सफलतापूर्वक इन-हाउस क्रियाकल्प (रिकंडिशनिंग) कर उसे पुनः सक्रिय कर दिया है। तकनीकी रूप से इस बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य को किसी बाहरी वर्कशॉप के बजाय स्थानीय स्तर पर ही संपन्न किया गया। पुनर्जीवित किए गए इस 132/33 केवी के ट्रांसफार्मर को इंदौर के 132 केवी सब स्टेशन इंदौर-सिवनी में स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया है। इस उपलब्धि से न केवल सरकारी कोष की बचत हुई है, बल्कि क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को भी अतिरिक्त मजबूती मिली है। मालवा क्षेत्र में बिजली की विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में इसे विभाग का बड़ा कदम माना जा रहा है। :: ऊर्जा मंत्री ने सराहा :: प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इंदौर टीम के इस नवाचार की सराहना की है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बीच साइट पर ही इस तरह के जटिल तकनीकी कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम देना इंजीनियरों की विशेषज्ञता और उनके अनुभव का उत्कृष्ट प्रमाण है। उन्होंने टीम को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से प्रदेश की विद्युत व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। :: अधीक्षण यंत्री जयेश चोपड़ा के नेतृत्व में मिली सफलता :: इस 40 साल पुराने ट्रांसफार्मर को फिर से कार्य योग्य बनाने में इंदौर के अधीक्षण यंत्री जयेश चोपड़ा की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उनके नेतृत्व में इंदौर की तकनीकी टीम ने उपलब्ध संसाधनों का श्रेष्ठ उपयोग करते हुए इस कठिन लक्ष्य को प्राप्त किया। इस सफलता के बाद अब विभाग अन्य पुराने ट्रांसफार्मरों की स्थिति की भी समीक्षा कर रहा है ताकि उन्हें इसी पद्धति से पुनः उपयोग में लाया जा सके। प्रकाश/11 मई 2026