अंतर्राष्ट्रीय
15-May-2026
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बीजिंग,(ईएमएस)। ईरान और पश्चिम एशिया संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा इस समय पूरी दुनिया में कौतूहल का विषय बनी हुई है। बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई कूटनीतिक मुलाकात के दौरान एक ऐसे बयान ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है, जिसे अमेरिका के लिए एक बड़ा कूटनीतिक झटका माना जा रहा है। बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने अमेरिका की ओर इशारा करते हुए उसे पतन की ओर जाता देश या गिरता हुआ राष्ट्र कह दिया। दिलचस्प बात यह है कि डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस बात पर जिनपिंग से सहमति जताई, लेकिन उन्होंने इस पूरे बयान की एक नई कूटनीतिक व्याख्या पेश की है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए अपनी सरकार का बचाव किया और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल पर निशाना साधा। ट्रंप का तर्क है कि जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अत्यंत नजाकत के साथ अमेरिका को एक संभवतः पतनशील राष्ट्र कहा, तो उनका इशारा उनके मौजूदा प्रशासन की तरफ नहीं, बल्कि बाइडन प्रशासन के उन चार वर्षों की तरफ था जिसमें अमेरिका को भारी नुकसान उठाना पड़ा। ट्रंप ने लिखा कि बाइडन के कार्यकाल को लेकर जिनपिंग की यह बात सौ फीसदी सही है, क्योंकि खुली सीमाओं, ऊंचे टैक्स, खराब व्यापार समझौतों और बढ़ते अपराध के कारण दो साल पहले तक अमेरिका सचमुच एक गिरता हुआ देश बन चुका था। हालांकि, यह पूरी तरह साफ नहीं हो सका है कि जिनपिंग ने यह टिप्पणी द्विपक्षीय निजी बातचीत में की या सार्वजनिक मंच पर। सार्वजनिक संबोधन के दौरान शी जिनपिंग ने थ्यूसिडिडीज ट्रैप की चेतावनी देते हुए कहा था कि दुनिया एक नए मोड़ पर है और क्या दोनों देश बड़ी शक्तियों के संबंधों का नया मॉडल बना सकते हैं? इसके साथ ही उन्होंने सदी के सबसे बड़े बदलावों का भी जिक्र किया, जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से स्थापित अमेरिकी वैश्विक व्यवस्था के कमजोर होने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी ओर, ट्रंप ने दावा किया कि उनके दोबारा सत्ता में आने के बाद से अमेरिकी शेयर बाजार रिकॉर्ड स्तर पर हैं, रोजगार बाजार मजबूत हुआ है और अमेरिका फिर से एक आर्थिक व सैन्य महाशक्ति बनकर उभरा है। ट्रंप के अनुसार, शी जिनपिंग ने उन्हें इन अद्भुत सफलताओं के लिए बधाई भी दी है। वीरेंद्र/ईएमएस/15मई 2026