अमेरिका-ईरान जंग ने दुनिया भर में तेल महंगा कर दिया, असर भारत पर भी नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत में साल 2022 के बाद शु्क्रवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। सीएनजी के दाम भी 2 रुपए प्रति किलो बढ़ाए गए हैं। इस बढ़ोत्तरी के बाद भी फ्यूल स्टेशनों पर लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। दरअसल लोगों की कोशिश थी कि वे दाम बढ़ने से पहले वाहन की टंकी फुल करवा लें। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पूरे भारत में पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतें बढ़ा दी। पेट्रोल-डीजल की कीमत में प्रति लीटर 3 रुपए का इजाफा किया गया है। वहीं, सीएनजी की कीमत 2 रुपए प्रति किलो की दर से बढ़ाई गई हैं, जिससे लोगों में घबराहट पैदा हो गई है। लोग बड़ी मात्रा में फ्यूल खरीदने के लिए पेट्रोल पंप पहुंच रहे हैं। आलम यह है कि लोकल आउटलेट्स पर नई दरें पूरी तरह से लागू होने से पहले ही अपने वाहनों की टंकियां भरवाने के लिए दौड़ पड़े। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सरकार का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच जंग ने दुनिया भर में तेल महंगा कर दिया। इसका असर भारत पर भी पड़ा है, लेकिन आम आदमी को लंबे समय तक इससे बचाकर रखा गया। तेल कंपनियां रोज करीब एक हजार करोड़ का घाटा खुद उठा रही हैं। पेट्रोल पर 26 रुपए और डीजल पर करीब 82 रुपए प्रति लीटर तेल कंपनियां अपनी जेब से दे रही हैं ताकि आम उपभोक्ताओं को सस्ता ईंधन मिलें। इसके अलावा, सरकार पेट्रोल पर 8 रुपए और डीजल पर 6 रुपए टैक्स भी पहले ही घटा चुकी है। अगर यह सब नहीं होता तो पेट्रोल दो से तीन गुना महंगा हो जाता। रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के करीब 82 देशों में पेट्रोल-डीजल की राशनिंग हो रही है। दक्षिण-पूर्व एशिया में तेल 50 फीसदी तक महंगा हो गया, यूरोप में 20 फीसदी। भारत ने अभी तक यह नौबत नहीं आने दी। पेट्रोल और डीजल के दामों में हुए इस इजाफे पर जम्मू के लोगों का कहना है कि यह आम आदमी के लिए एक झटका है। उनका यह भी कहना है कि पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से अब महंगाई बढ़ेगी और हर जरूरी सामान के दाम बढ़ेंगे। लोगों का दावा है कि पहले ही महंगाई की मार से जनता त्रस्त है और ऐसे में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाना उनकी मुश्किलें बढ़ा देगा। सिराज/ईएमएस 15मई26