केंद्रीय मंत्री ने कहा, दुनिया के कई देशों में बंपर बढ़ोत्तरी नई दिल्ली (ईएमएस)। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने वैश्विक ईंधन संकट का जिक्र कर कहा कि भारत ने आर्थिक स्थिरता और जन-कल्याण के बीच संतुलन बनाया है। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने पोस्ट किया, पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद जब दुनिया भर में ईंधन कीमतें तेजी से बढ़ीं, तब भारत ने अपेक्षाकृत स्थिरता बनाए रखी। जहां कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 20 प्रतिशत से लेकर करीब 100 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई, वहीं भारत ने बढ़ोतरी को पेट्रोल के लिए सिर्फ 3.2 प्रतिशत और डीजल के लिए 3.4 प्रतिशत तक ही सीमित रखा। उन्होंने लिखा, यहां तक कि जब ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई और वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल मची, तब भी भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने हफ्तों तक भारी नुकसान उठाया, ताकि नागरिकों को महंगाई और आर्थिक दबाव से बचाया जा सके। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि यहीं जिम्मेदारपूर्ण सरकार है। यहीं वह नेतृत्व है, जो लोगों को सबसे पहले रखता है। उन्होंने लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक स्थिरता और जन-कल्याण के बीच संतुलन बनाए रखने का काम लगातार जारी रखे हुए है। इस पोस्ट के साथ, किरेन रिजिजू ने भारत और कई बड़े देशों में तेल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के आंकड़े भी शेयर किए। आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें 44.5 प्रतिशत बढ़ीं और डीजल की कीमतों में 48.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। पाकिस्तान में पेट्रोल के दाम 54.9 प्रतिशत और डीजल के दाम 44.9 प्रतिशत बढ़े हैं। चीन में पेट्रोल के दाम 21.7 प्रतिशत और डीजल के दाम 23.7 प्रतिशत बढ़े। ब्रिटेन में पेट्रोल की कीमत में 19.2 प्रतिशत और डीजल की कीमत में 34.2 प्रतिशत का इजाफा हुआ। वहीं, जर्मनी में पेट्रोल के दाम 13.7 प्रतिशत और डीजल के दाम 19.8 प्रतिशत बढ़े, जबकि जापान में पेट्रोल की कीमत 9.7 प्रतिशत और डीजल 11.2 प्रतिशत बढ़ी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि म्यांमार में पेट्रोल की कीमत में सबसे अधिक 89.7 प्रतिशत और डीजल की कीमत में 112.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। आशीष दुबे / 15 मई 2026