15-May-2026
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- अब तक 55 चैक डैम बने : डॉ आर के पालीवाल भोपाल (ईएमएस) । बेतवा नदी के सूखे उद्गम स्थल को पुनर्जीवित करने के लिए 10 मई 2026 को शुरू हुए श्रमदान सप्ताह के छठे दिन 15 मई 2026 को लगभग तीस श्रमदानी सुबह आठ बजे झिरी स्थित उद्गम स्थल पहुंच। आज श्रमदान करने वालों की संख्या पिछले दिनों की तुलना में ज्यादा थी और उनका ज़ज्बा और उत्साह अद्भुत था । चिलचिलाती धूप से बेपरवाह होकर श्रमदानियो ने रिकॉर्ड 28 नए चैक डैम बने । इस वर्ष अभी तक के श्रमदान में पिछले वर्ष के बराबर 55 नए चैक डैम बन चुके हैं और गत वर्ष बने इतने ही चैक डैम की मरम्मत हो चुकी है । इसके अतिरिक्त नदी क्षेत्र के सबसे ऊंचे पार्वती कुंड को पुनर्जीवित किया गया है जो आठ फीट मलबे में दबकर पूरी तरह बंद हो चुका था । इस कुंड के पुनर्जीवित होने से इलाके के वन्यजीव प्यास बुझा रहे हैं । आज भोपाल के अलावा विदिशा, आष्टा और जौनपुर से आए साथियों और वन कर्मियों ने भी श्रमदान में भाग लिया । डॉ पालीवाल के अनुसार शनिवार को श्रमदान का अंतिम दिन है। बैतूल और विदिशा से कुछ नए साथियों के श्रमदान में शामिल होने के संदेश प्राप्त हुए हैं। उम्मीद है कि अंतिम दिन (16 मई ) का$फी साथी श्रमदान के लिए आगे आएंगे और हम लोग पिछले साल से अधिक जल संरक्षण के कार्य करने में स$फल होंगे । आशीष पाराशर/15 मई2026