मनोरंजन
16-May-2026
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मुंबई (ईएमएस)। बॉलीवुड के फिल्मी दृश्यों को देखकर दर्शकों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या कलाकार शूटिंग के दौरान सचमुच शराब पीते हैं या फिर कैमरे के सामने केवल अभिनय करते हैं। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के मुताबिक ज्यादातर मामलों में कलाकार असली शराब नहीं पीते, बल्कि उसकी जगह खास तरह के नॉन-अल्कोहलिक पेय पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। फिल्मों में शराब जैसे दिखने वाले पेय को तैयार करने के लिए कई तरह की तकनीकों का सहारा लिया जाता है। उदाहरण के तौर पर व्हिस्की या रम दिखाने के लिए अक्सर आइस्ड टी का इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि उसका रंग असली शराब जैसा दिखाई देता है। बीयर के दृश्यों में नॉन-अल्कोहलिक बीयर या जिंजर एले का उपयोग किया जाता है ताकि कलाकार बिना नशे के आसानी से अभिनय कर सकें। इसी तरह वोडका और जिन की जगह साधारण पानी का इस्तेमाल होता है, जबकि रेड वाइन की जगह अंगूर या ब्लैककरेंट का जूस दिया जाता है। कैमरे और लाइटिंग के प्रभाव से ये सभी पेय असली शराब जैसे दिखाई देते हैं और दर्शकों को अंतर समझ नहीं आता। निर्माता और निर्देशक आमतौर पर सेट पर असली शराब इस्तेमाल करने से बचते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह शूटिंग की प्रक्रिया है। किसी भी दृश्य को अलग-अलग एंगल से कई बार शूट करना पड़ता है। यदि कलाकार हर टेक में असली शराब पिएंगे तो उनके नशे में आने की संभावना बढ़ जाएगी। इससे संवाद भूलने, भावनाओं पर नियंत्रण खोने और शूटिंग में देरी जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। फिल्म निर्माण में समय और अनुशासन बेहद महत्वपूर्ण होता है, इसलिए अधिकतर निर्देशक कलाकारों को असली शराब देने के बजाय नकली पेय का इस्तेमाल कराते हैं। हालांकि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कुछ ऐसे उदाहरण भी सामने आए हैं जब कलाकारों ने अपने किरदार को वास्तविक दिखाने के लिए असली शराब का सहारा लिया। फिल्म “थ्री इडियट्स” में आमिर खान, शर्मन जोशी और आर. माधवन का एक मशहूर दृश्य है, जिसमें तीनों शराब पीने के बाद हंगामा करते नजर आते हैं। बताया जाता है कि उस दृश्य को अधिक वास्तविक बनाने के लिए कलाकारों ने सचमुच शराब पी थी। इसी तरह फिल्म “देवदास” की शूटिंग के दौरान शाहरुख खान के बारे में अभिनेता टीकू तलसानिया ने खुलासा किया था कि वह कई दृश्यों में किरदार में डूबे रहने के लिए शराब का सेवन करते थे। फिल्म “गोलियों की रासलीला राम-लीला” में रणवीर सिंह ने भी एक भावुक दृश्य के लिए असली शराब पी थी। वहीं राजकुमार राव ने फिल्म “सिटी लाइट्स” के एक दृश्य को प्रभावशाली बनाने के लिए वास्तविक शराब का इस्तेमाल किया था। हालांकि ऐसे मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं। ज्यादातर कलाकार प्रोफेशनल तरीके से बिना शराब पिए ही अपने अभिनय से दर्शकों को वास्तविकता का एहसास करा देते हैं। मालूम हो कि भारतीय सिनेमा में शराब से जुड़े दृश्य हमेशा से फिल्मों का अहम हिस्सा रहे हैं। कभी हीरो टूटे दिल के दर्द में शराब पीता दिखाई देता है, तो कभी खलनायक हाथ में जाम लेकर अपनी दबंग छवि दिखाता नजर आता है। कई फिल्मों में पार्टी, इमोशनल या ड्रामेटिक दृश्यों के दौरान अभिनेत्रियों को भी शराब पीते हुए दिखाया जाता है। सुदामा/ईएमएस 16 मई 2026