- शुरुआती भारी गिरावट के बाद शेयर बाजार में दिखी मामूली रिकवरी, रुपया भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा मुंबई (ईएमएस)। बीता हफ्ता भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद उथल-पुथल भरा रहा, जो निवेशकों के धैर्य की कड़ी परीक्षा लेता दिखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश के लोगों से किफायत बरतने की अपील के बाद बाजार में भूचाल आ गया, जिससे शुरुआती कारोबारी दिनों में प्रमुख सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली ने इस गिरावट को और गहरा कर दिया। डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया, जो देश की आर्थिक चिंताओं को बढ़ा रहा था। हालांकि, हफ्ते के मध्य से बाजार में कुछ रिकवरी देखने को मिली, लेकिन शुक्रवार को हुई आखिरी सत्र की बिकवाली ने हफ्ते भर की बढ़त को आंशिक रूप से समाप्त कर दिया, जिससे बाजार का सफर एक रोलरकोस्टर राइड जैसा महसूस हुआ। पीएम की अपील और बाजार में बड़ी गिरावट- पीएम की अपील और बाजार में बड़ी गिरावट हफ्ते की शुरुआत ही झटके के साथ हुई। प्रधानमंत्री मोदी की देशवासियों से किफायत बरतने की अपील का सीधा असर घरेलू शेयर बाजार पर दिखा। सोमवार को शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स करीब 900 अंक तक टूट गया, वहीं निफ्टी भी 23950 के नीचे आ गया। दिनभर चली बिकवाली के कारण प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1,312.91 अंक गिरकर 76,015.28 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 360.30 अंक लुढ़ककर 23,815.85 पर आ गया। भू-राजनीतिक तनाव और रिकॉर्ड गिरावट- भू-राजनीतिक तनाव और रिकॉर्ड गिरावट सोमवार की गिरावट का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा और बाजार पर दबाव और बढ़ गया। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की लगातार चौथे कारोबारी सत्र में बिकवाली ने बाजार को और नीचे धकेल दिया। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 525.44 अंक और निफ्टी 164.5 अंक नीचे आ गया। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,456.04 अंक की बड़ी गिरावट के साथ 74,559.24 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 436.30 अंक टूटकर 23,379.55 पर आ गया। गिरावट पर लगाम, बाजार में स्थिरता- दो दिनों की भारी बिकवाली के बाद बुधवार को बाजार में कुछ स्थिरता देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में मामूली बढ़त के बाद, हालांकि सूचकांक नकारात्मक दायरे में फिसल गए, लेकिन दिन के अंत में बिकवाली पर लगाम लगी। तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 49.74 अंक बढ़कर 74,608.98 पर बंद हुआ। पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी 33.05 अंक बढ़कर 23,412.60 पर समाप्त हुआ। दिन के कारोबार के दौरान सूचकांकों में 1,000 अंकों से अधिक का उतार-चढ़ाव देखा गया, जो बाजार में अनिश्चितता और निवेशकों के असमंजस को दर्शाता है। राहत की किरण- हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में आखिरकार राहत की किरण दिखी। बीते कुछ दिनों से बिकवाली का दबाव झेल रहे बाजार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान पर खुले और पूरे दिन मजबूती बनाए रखी। सेंसेक्स 790 अंकों की जोरदार उछाल के साथ 75,398.72 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 277 अंकों की बढ़त के साथ 23,689.60 पर बंद हुआ। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और निचले स्तरों पर खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया, जिससे निवेशकों के आत्मविश्वास में कुछ वापसी हुई। शुरुआती तेजी के बाद मुनाफावसूली- हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने मिले-जुले रुझान दिखाए। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी और अमेरिकी बाजारों के मजबूत रुझानों से शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 451 अंक से अधिक उछलकर 75,850.18 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 23,832.85 पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, आखिरी सत्र में मुनाफावसूली के कारण बाजार अपनी शुरुआती बढ़त को बरकरार नहीं रख पाया। सेंसेक्स 160.73 अंक फिसलकर 75,237.99 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर निफ्टी 46.10 अंकों की गिरावट के साथ 23,643.50 के स्तर पर पहुंचकर बंद हुआ। हिंडाल्को और रिलायंस जैसे प्रमुख शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। सतीश मोरे/16मई ---