क्षेत्रीय
16-May-2026
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उज्जैन (ईएमएस)। धार‌ की भोजशाला को लेकर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जो ऐतिहासिक निर्णय दिया गया है उस निर्णय से सर्वत्र हर्ष की लहर व्याप्त है। मां वाग्देवी की प्रतिमा व मंदिर को जिस प्रकार मुस्लिम आक्रांत्रों द्वारा ध्वस्त किया जाकर हिंदू समाज को अपमानित किया गया था।अब माननीय न्यायालय के निर्णय से उसकी पुनर्स्थापना का वक्त आ चुका है। यह बात भारत तिब्बत समन्वय संघ के मालवा प्रांत अध्यक्ष एवं संस्कृति रक्षक मंच के अध्यक्ष, एमआईसी सदस्य शिवेंद्र तिवारी ने मोहन नगर अंबे माता मंदिर चौराहे पर निर्णय के समर्थन में आतिशबाज़ी कर मिठाई वितरित करने के दौरान उपस्थित लोगों के मध्य कही।आपने कहा कि राजाभोज द्वारा सन 1034 में भोजशाला का निर्माण करवाया गया था एवं सन 1035 में वाग्देवी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी लेकिन सन 1305 में मोहम्मद खिलजी ने आक्रमण कर संस्कृति और संस्कृत के प्रमुख केंद्र भोजशाला को ध्वस्त कर उसे इस्लामी गतिविधियों का केंद्र बनाया था। लेकिन बहुत साल के संघर्ष व मुक्ति के लिए आंदोलन हुए व देश की आजादी के बाद 1952 से लगातार प्रयास होते रहे इस दौरान आततायियों के साथ ही अन्य लोगों द्वारा सनातनियों पर कई अत्याचार किए गए लेकिन भोजशाला मुक्ति का आंदोलन थमा नहीं, भोजशाला मुक्ति के लिए वर्ष 2003 में पचघाटी के लक्ष्मण सिंह, अमक्षेरा के बने सिंह ,टांडा के अंतर सिंह ने अपना बलिदान दिया था। और दुर्भाग्य के बात यह है कि हिंदू समाज को अपने मंदिरों में दर्शन करने के लिए लाठियां भी खानी पड़ी थी लेकिन लगातार संघर्ष का परिणाम रहा की सत्य की जीत हुई और एएसआई के सर्वे के पश्चात जो तथ्य उभर कर सामने आए उनके मद्देनजर माननीय उच्च न्यायालय इंदौर द्वारा जो निर्णय दिया गया वह निर्णय ऐतिहासिक है इस निर्णय से सर्वत्र हर्ष व्याप्त‌ है। आपने कहा कि लंदन के म्यूजियम में मां-वगदेवी की प्रतिमा रखी हुई है भारत सरकार व प्रदेश की सरकार पहल कर शीघ्र ही वाग्देवी की प्रतिमा को पुनः हिंदुस्तान लाऐ एवं धार में उसकी प्राण प्रतिष्ठा हो धार की भोजशाला का पुनर्निर्माण किया जाकर धार को संस्कृत संस्कृति के विख्यात केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए।मोहन नगर चौराहे पर आतिशबाजी एवं मिठाई के दौरान कार्यकर्ता ढोल थाप पर जमकर थिरके।इस मौके पर सर्वश्री मयूर अग्रवाल, मुकेश धाकड़,नीलेश खोयरे, महेश साहू, चिन्मय साहू, नरेश राठौर, आशीष प्रजापति,प्रवीन जोशी,संदीप राणा,दिनेश कुम्भकार,वंदना जैन,बलराम रावल,मोहन चौहान,दीपक सैनी, गोपाल परमार,अनिल पांचाल,ऋषि प्रजापति,संजय जादौन,दिलीप डोडिया,सन्नी सूर्या,हेमंत विश्वकर्मा,रवि सांखला,लखन बड़ोदिया गुलाब सूर्यवंशी,निखिल खोयरे,राजेश रावल उपस्थित थे। ईएमएस / 16/05/2026