क्षेत्रीय
16-May-2026
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भोपाल(ईएमएस)।एम्स भोपाल चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ जनस्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में पोषण पुनर्वास संसाधन एवं प्रशिक्षण के लिए क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र, शिशु रोग विभाग, एम्स भोपाल द्वारा 11 से 14 मई 2026 तक “गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) का सुविधा-आधारित प्रबंधन” विषय पर पोषक प्रशिक्षकों हेतु चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में शिशु रोग विभाग की विभागाध्यक्ष एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की नोडल अधिकारी प्रो. (डॉ.) शिखा मलिक तथा मेडिकल जेनेटिक्स विभाग की प्रोफेसर एवं प्रभारी विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) भावना ढींगरा ने प्रतिभागियों को गंभीर कुपोषण से पीड़ित बच्चों के प्रबंधन, पोषण पुनर्वास और चिकित्सीय देखभाल से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रो. (डॉ.) शिखा मलिक ने कहा कि बच्चों के वजन की नियमित निगरानी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक कम वजन रहने से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा कई मामलों में यह जीवन के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. इन्द्रेश कुमार, प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर द्वारा किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश की ओर से डॉ. विनीता मेवाड़ा एवं सौरभ गौर भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान सुश्री निधि रघुवंशी एवं सुश्री जयश्री लोखंडे द्वारा बच्चों के लिए उपयुक्त उपचारात्मक आहार तैयार करने की विधि का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। प्रतिभागियों को गंभीर कुपोषण के प्रबंधन, पोषण पुनर्वास और चिकित्सीय आहार से संबंधित उपयोगी एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई। मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की। सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे बच्चों में कुपोषण प्रबंधन के लिए अत्यंत उपयोगी और व्यवहारिक बताया। हरि प्रसाद पाल / 16 मई, 2026