:: धार स्थित भोजशाला के मामले में उच्च न्यायालय के निर्णय पर आतिशबाजी एवं मिठाई वितरण कर मनाया जश्न :: इंदौर (ईएमएस)। वर्ल्ड हिन्दू फेडरेशन की मप्र इकाई एवं महाराजा अग्रसेन तीर्थ न्यास की ओर से शनिवार को नवलखा स्थित महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा की साक्षी में मप्र उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ द्वारा धार भोजशाला को सरस्वती मंदिर घोषित करने और लंदन के संग्रहालय से वाग्देवी की प्रतिमा को वापस बुलाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश पर प्रसन्नता व्यक्त की गई। इस ऐतिहासिक फैसले के स्वागत में हजारों नागरिकों को ठंडाई का वितरण कर खुशियां मनाई गईं। फेडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष संजय अग्रवाल एवं केके गोयल ने बताया कि भोजशाला मामले में शुक्रवार दोपहर जैसे ही उच्च न्यायालय का फैसला आया, फेडरेशन के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पहले सयाजी चौराहे पर ढोल-ढमाकों के बीच भारत माता की जय और जय श्री राम के उद्घोष के साथ नागरिकों को मिठाई बांटी और रंगारंग आतिशबाजी की। :: तपिश के बीच घुली गुरुजी ठंडाई, 3 घंटे चला वितरण :: शनिवार सुबह इस पावन उपलक्ष्य में अग्रसेन चौराहा पर भी आम लोगों को गर्मी की तपिश से राहत दिलाने और भोजशाला विवाद में हिंदुत्व की जीत के जश्न स्वरूप करीब 3 घंटे तक गुरुजी ठंडाई घोलकर लगातार वितरित की गई। इस अवसर पर फेडरेशन की ओर से रानू अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, गोविन्द सिंघल, राजेश कुंजीलाल गोयल एवं संजय गोयल सहित बड़ी संख्या में अग्रवाल समाज एवं फेडरेशन से जुड़े लोगों ने फल एवं मिठाई का भी वितरण कर अपनी खुशियाँ व्यक्त की। उच्च न्यायालय के इस निर्णय को सनातन समाज की बड़ी जीत बताते हुए फेडरेशन के पदाधिकारियों ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। फेडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष संजय अग्रवाल ने इस मौके पर संकल्प व्यक्त किया कि धार भोजशाला को लेकर आए इस ऐतिहासिक और सुखद निर्णय के स्वागत में पूरे प्रदेश में जश्न का यह सिलसिला आगे भी अनवरत जारी रहेगा। प्रकाश/16 मई 2026 संलग्न चित्र - इंदौर। वर्ल्ड हिन्दू फेडरेशन की ओर से अग्रसेन चौराहे पर ठंडाई का वितरण करते प्रदेशाध्यक्ष संजय अग्रवाल एवं अन्य कार्यकर्ता।