वाशिंगटन (ईएमएस)। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने ईरान के खिलाफ संभावित नई सैन्य कार्रवाई के कई विकल्प तैयार कर लिए हैं और अब अंतिम फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को लेना है। अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अगले सप्ताह सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू होने की संभावना को लेकर मध्य पूर्व में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका ने मध्य पूर्व क्षेत्र में पचास हजार से अधिक सैनिकों की तैनाती बनाए रखी है। इसके अलावा दो विमानवाहक युद्धपोत, कई मिसाइल विध्वंसक जहाज, लड़ाकू विमान, समुद्री सैनिक और विशेष अभियान बल उच्च सतर्कता पर रखे गए हैं। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि ईरान के संवेदनशील परमाणु ठिकानों और सैन्य ढांचे को निशाना बनाने के विकल्पों पर गंभीर विचार किया जा रहा है। उधर चीन और जर्मनी समेत कई देशों ने युद्ध के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है। वैश्विक चिंता का सबसे बड़ा कारण होर्मुज जलडमरूमध्य है, जहां किसी भी सैन्य टकराव का असर पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर व्हाइट हाउस पर टिकी है, जहां से आने वाला फैसला पश्चिम एशिया की रणनीतिक तस्वीर बदल सकता है। सुबोध/१६-०५-२०२६