अंतर्राष्ट्रीय
17-May-2026


-अमेरिका ने दिया 61 मिलियन डॉलर का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट, सिस्टम में होगा बदलाव वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिका ने अपने सबसे भरोसेमंद और घातक एयर डिफेंस सिस्टम पैट्रियट को पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी सेना ने रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन को 61 मिलियन डॉलर का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट सौंपा है। इस परियोजना का उद्देश्य पैट्रियट सिस्टम की उन कमजोरियों को खत्म करना है, जो दशकों से इसकी सबसे बड़ी सामरिक चुनौती बनी हुई थीं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नए अपग्रेड के बाद यह सिस्टम किसी भी दिशा से आने वाली मिसाइल को ट्रैक कर हवा में ही नष्ट करने में सक्षम होगा। इस समझौते के तहत पैट्रियट सिस्टम में दो बड़े तकनीकी बदलाव किए जाएंगे। पहला, एक अत्याधुनिक कंटेनर आधारित मिसाइल लॉन्चर तैयार किया जाएगा, जबकि दूसरा अपग्रेड ‘रिमोट इंटरसेप्टर गाइडेंस-360’ यानी आरआईजी-360 तकनीक से जुड़ा है। अब तक पैट्रियट सिस्टम सीमित दिशा में ही निगरानी और इंटरसेप्शन कर सकता था, लेकिन नई तकनीक के बाद यह 360 डिग्री कवरेज के साथ हर दिशा से आने वाले खतरों का जवाब देगा। यह प्रोजेक्ट अमेरिकी सेना के रेडस्टोन आर्सेनल स्थित आर्मी कॉन्ट्रैक्टिंग कमांड की निगरानी में चलाया जाएगा। सेना को उम्मीद है कि यह परियोजना मई 2027 तक तैयार हो जाएगी। पैट्रियट मिसाइल सिस्टम 1980 के दशक से अमेरिकी वायु रक्षा का अहम हिस्सा रहा है। लॉकहीड मार्टिन और रेथियॉन द्वारा संयुक्त रूप से विकसित इस सिस्टम का इस्तेमाल खाड़ी युद्ध, इराक अभियान और यूक्रेन युद्ध जैसे बड़े संघर्षों में किया जा चुका है। खासकर यूक्रेन में इसने रूसी बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों को मार गिराकर अपनी प्रभावशीलता साबित की है। पैट्रियट की पीएसी-3 इंटरसेप्टर मिसाइल ‘हिट-टू-किल’ तकनीक पर काम करती है, जिसमें मिसाइल दुश्मन के लक्ष्य से सीधे टकराकर उसे नष्ट कर देती है। अब तक पैट्रियट सिस्टम की सबसे बड़ी कमजोरी उसका सीमित रडार कवरेज था। इसका एएन/एमपीक्यू-65 रडार केवल एक निश्चित दिशा में ही निगरानी रख सकता था। ऐसे में दूसरी दिशा से आने वाले हमलों को रोकना मुश्किल हो जाता था। नई आरआईजी-360 तकनीक इस समस्या को खत्म करेगी। यह सिस्टम किसी भी दिशा से मिले डेटा के आधार पर इंटरसेप्टर मिसाइल को सही दिशा में गाइड करेगा। यह नेटवर्क अलग-अलग रडार और हथियार प्रणालियों को एक साथ जोड़कर रियल-टाइम डेटा साझा करने में सक्षम बनाता है। इसके जरिए पैट्रियट सिस्टम किसी भी जुड़े हुए सेंसर से जानकारी लेकर तुरंत प्रतिक्रिया दे सकेगा। नई परियोजना का दूसरा अहम हिस्सा कंटेनर आधारित लॉन्चर है। मौजूदा लॉन्चर काफी भारी और बड़े होते हैं, जिन्हें तैनात करने में ज्यादा समय और संसाधनों की जरूरत पड़ती है। नए लॉन्चर को सामान्य शिपिंग कंटेनर के ढांचे पर लगाया जा सकेगा, जिससे इसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जा सकेगा। साथ ही इसे दुश्मन की नजरों से छिपाना भी आसान होगा। विशेषज्ञों के मुताबिक यूक्रेन युद्ध ने यह साफ कर दिया कि आधुनिक युद्ध में बहुदिशीय हमलों से निपटने के लिए 360 डिग्री सुरक्षा बेहद जरूरी है। रूस द्वारा मिसाइलों और ड्रोन के संयुक्त हमलों ने अमेरिका को अपनी वायु रक्षा रणनीति में बड़े बदलाव के लिए प्रेरित किया है। यही वजह है कि अमेरिकी सेना अब पैट्रियट सिस्टम को भविष्य के युद्धों के लिए पूरी तरह तैयार करने में जुट गई है। सिराज/ईएमएस 17मई26